दंगे के मुकदमों को लेकर सभी खाप चौधरियों और जाट महासभा के पदाधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक में सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ संजीव बालियान ने कहा कि आपसी सौहार्द बढ़ाने के प्रयास होने चाहिए, लेकिन दंगों के मुकदमों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेगा।
सिंचाई विभाग के डाक बंगले पर आयोजित खाप चौधरियों और जाट महासभा के पदाधिकारियों की बैठक में मुजफ्फरनगर और शामली के लोग भी शामिल रहे। बालियान खाप के चौधरी एवं भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि पुरानी बातों को भूलकर दोनों समुदायों को गले मिलना चाहिए। इसके लिए दोनों ही पक्षों को पहल करनी होगी। टिकैत ने कहा कि दंगों में बड़ी संख्या में बेकसूर लोगों को जेल जाना पड़ा है। दोनों ही समुदायों को मिल-जुल कर सौहार्द कायम करना होगा।
सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ संजीव बालियान ने कहा कि दंगों के बाद गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने सैकड़ों लोगों के खिलाफ विभिन्न थानों में फर्जी मुकदमे दर्ज किए थे। फुगाना, कुटबा, लांक में 150 लोगों के खिलाफ मुकदमें दर्ज किए गए। सभी खापों के चौधरी और जाट महासभा समाज का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेगा। पुलिस की ओर से दर्ज किए गए फर्जी मुकदमों को वापस कराने की मांग करेंगे।
बालियान ने बताया कि दंगों के दौरान 1253 लोग जेल गए थे, जिनमें से तीन लोगों को छोड़कर सभी जमानत पर रिहा हो चुके हैं। इनमें 245 को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। बालियान ने यह भी कहा कि दंगों के मामलों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। दोनों समुदायों के बीच आपसी सद्भाव और सौहार्द के प्रयास होने चाहिए। बैठक में सुभाष चौधरी ने कहा कि दंगों में दोनों समुदायों ने बहुत कुछ खोया है।
अब समय है दोनों ही समुदाय आपसी सौहार्द बढ़ाने के लिए आगे आएं। बैठक में विधायक उमेश मलिक, बत्तीसा खाप के चौधरी सूरजमल, लाटियान खाप के चौधरी वीरेंद्र सिंह, बेनीवाल खाप के चौधरी अमित बेनीवाल, गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र सिंह लिसाढ़, निर्वाल खाप के चौधरी राजवीर सिंह मुंडेंट, अहलावत खाप के चौधरी गजेंद्र सिंह, सर्वखाप के महामंत्री चौधरी सुभाष बालियान, थांबेदार सौदान सिंह, संजय बरवाला, चौधरी जगमेर सिंह, चौधरी प्रताप सिंह, राजवीर सिंह मलिक, प्रसन्न चौधरी शामली, जाट महासभा अध्यक्ष देवी सिंह सिंभालका, रामपाल वर्मा, जगदीश बालियान, उपेंद्र चौधरी, डॉ प्रताप चौधरी, योगेश बालियान, रविंद्र मलिक, चौधरी रामदास, पूर्व प्रमुख वीरेंद्र सिंह, मांगेराम सोरम, सतेंद्र सिंह सोंहजनी आदि मौजूद रहे।