मुजफ्फरनगर। वैदिक संस्कार चेतना अभियान संयोजक आचार्य गुरु दत्त आर्य ने कहा कि मनुष्य जन्म से नहीं, अपने कर्म और सद्गुणों से महान बनता है। स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिवीरों का युवा बलिदान मत भूलें।
जिला आर्य प्रतिनिधि की ओर से मोहल्ला आबकारी में आयोजित यज्ञ के ब्रह्म आरपी शर्मा तथा यज्ञमान चमन लाल वाल्मीकि और पूजा रही। वेद मंत्रोच्चार से यज्ञ में राष्ट्रीय एकता, शांति, सद्भाव और मानव मात्र के कल्याण के लिए आहुतियां दी गई। आचार्य गुरु दत्त आर्य ने कहा कि मनुष्य की सही पहचान उसके गुण, कर्म और स्वभाव से होती है। त्याग, तप, सेवा और सदाचरण से मनुष्य महान बनता है, जाति से नहीं। सनातन धर्म की रक्षा के लिए प्रत्येक मंडल में एक वैदिक गुरुकुल खोलना होगा, तभी संस्कृति और संस्कारों का संवर्धन हो पाएगा। युवा पीढ़ी क्रांतिकारियों के संघर्ष, त्याग, बलिदान को सदैव याद रखें। जिला आर्य प्रतिनिधि सभा प्रधान आनंद पाल सिंह आर्य ने यज्ञमान को ऋषि दयानन्द ग्रन्थ ‘सत्यार्थ प्रकाश’ भेंट किया। गजेंद्र सिंह राणा ने बताया कि आर्य समाज शहर के प्रत्येक मोहल्ले में परिवारों को यज्ञ से जोड़ेगा। मंगत सिंह आर्य, सतीश आर्य, धर्म मुनि, मनवीर सिंह आर्य ने विचार रखे। डॉ. नीरज शास्त्री, जनेश्वर प्रसाद आर्य, नंद किशोर, मुकेश आदि मौजूद रहे।