गन्ने की पर्ची नहीं मिलने से परेशान किसानों का गुस्सा किसान दिवस में फूट पड़ा। किसानों के सवालों से निरुत्तर डीएम और डीसीओ बगले झांकने लगे। हंगामे के बीच भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मंच संभाला। मंच से उन्होंने दोबारा सर्वे कराने और सभी को पर्ची जारी कराने का आश्वासन दिया। वहीं डीएम ने किसानों से कहा कि बिना गन्ना खत्म हुए चीनी मिलें बंद नहीं होंगी।
जनपद के किसानों के खेतों में लगभग एक करोड़ क्विंटल गन्ना खड़ा हुआ है। प्रत्येक गांव का किसान सोसायटियों से पर्ची नहीं मिलने से परेशान हैं। किसानों को पता लगा कि बुधवार को किसान दिवस है, जो जिले के कोने-कोने से बड़ी संख्या में कलक्ट्रेट के जिला पंचायत के चौधरी चरण सिंह सभागार में पहुंच गए।
डीसीओ ओमप्रकाश यादव ने बोलना शुरू किया तो किसानों ने हंगामा कर दिया। डीएम राजीव शर्मा की मौजूदगी में खादर क्षेत्र केे किसानों ने मोरना चीनी मिल का सेंटर बंद करने और खाईखेडी का सेंटर लगाने का आरोप लगाया। बिहारगढ़ के प्रधान बुद्धराम चौहान ने कहा कि वे लोग मिल के शेयर होल्डर हैं।
राजनीति के चलते खादर के गांवों को गन्ना मिल से काट दिया। उनके साथ आए मजलिसपुर तौफीर और शुक्रताल के किसानों ने भी डीसीओ पर गंभीर आरोप लगाए। किसानों ने बैठक में ऐसे सबूत भी दिखाए कि कुछ लोगों को कम जमीन पर ज्यादा पर्ची जारी कर दी गई, खादर के किसानों का बेसिक कोटे का गन्ना भी नहीं लिया गया। राज्य कृषि आयोग के सदस्य धर्मेंद्र मलिक ने फर्जी पर्ची की समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि पेराई के बाद इसकी जांच कराई जाएगी।
भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने कहा कि पर्ची के खेल में चीनी मिलों के साथ गन्ना सोसायटी के अधिकारी भी शामिल हैं। किसान सुमित मलिक ने मिलों द्वारा बाहरी गन्ना लेने और किसानों को पर्ची जारी नहीं करने का आरोप लगाया। एक साथ दर्जनों गांवों के किसानों ने कहा कि उनके यहां कोई सर्वे नहीं हुआ और न ही पर्ची आ रही है।
किसानों के सवालों की बौछार पर डीसीओ ओपी यादव निरुत्तर नजर आए। किसानों के बीच में ही डीएम ने कहा कि डीसीओ ने इतनी बड़ी समस्या पर कोई डिस्कस नहीं किया। भैसाना और खाईखेड़ी चीनी मिल के किसानों ने भुगतान नहीं होने का मामला भी उठाया। भारी हंगामे और शोरशराबे के बीच भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने माइक संभाला। उन्होंने कहा कि मोरना की समस्या को लेकर डीएम मिल के जीएम और डीसीओ के साथ बैठक करेंगे।
किसानों को मोरना मिल का ही सदस्य माना जाएगा, गन्ने की आपूर्ति तत्काल चाहे किसी मिल में कराई जाए। किसानों के खेतों में खड़े गन्ने का सर्वे दोबारा कराया जाए और पर्ची तेजी के साथ जारी की जाए। भुगतान नहीं करने वाली मिलों की आरसी जारी करें। डीएम ने भी आश्वासन दिया कि संपूर्ण गन्ने की पेराई होने तक चीनी मिल चलेगी। उनके रहते किसान आशंकित न हो।
दो अधिकारी ही बोल पाए बैठक में
किसान दिवस में सबसे पहले एक्सईएन विद्युत सोमदत्त शर्मा खड़े हुए और विभाग की योजनाएं बताई। किसानों ने उनके सामने खेतों में तार टूटने की समस्या, बिजली के कनेक्शन में खेल होने और डार्कजोन में कनेक्शन नहीं मिलने के मामले उठाए। भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने बंद पड़े कोल्हुओं के खिलाफ एफआईआर का मामला उठाया।
किसान 1076 का प्रयोग करें
जिला पंचायत के खचाखच भरे सभागार में किसानों की समस्याओं का अंबार सामने आने पर डीएम को माइक से यह कहना पड़ा कि किसान अपनी समस्या डायल 1076 पर दर्ज कराएं। मुख्यमंत्री के इस पोर्टल पर जिसकी शिकायत आएगी, निराकरण के साथ उसे सूचना भी दी जाएगी।