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प्रधानों का डीएम कार्यालय पर धरना

Sat, 21 May 2016 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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revel - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मुजफ्फरनगर। ग्राम प्रधानों ने अपनी मांगों को लेकर कलक्ट्रेट में धरना दिया। बाद में सीएम के नाम एडीएम को ज्ञापन दिया, जिसमेें ग्राम पंचायत सचिव से ज्यादा वेतन और कार्यकाल समाप्त होने पर पेंशन दिए जाने की मांग की गई।
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अखिल भारतीय प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष खांजापुर के प्रधान सतेन्द्र बालियान के नेतृत्व में शुक्रवार को ग्राम प्रधानों ने कचहरी पहुंचकर डीएम कार्यालय पर धरना दिया। प्रधानों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नाम एडीएम वित्त सुनील कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रधानों को ग्राम पंचायत एक्ट के अनुसार प्रधानों को राज्य वित्त एवं 14 वें वित्त आयोग से प्राप्त होने वाली धनराशि को खर्च करने का पूर्ण अधिकार दिये जाने की मांग की। प्रधानों ने कहा कि वर्तमान में सरकार की व्यवस्था के अनुसार प्रधानों को केवल 50 हजार रुपये तक के कार्य कराने का अधिकार है।

इससे अधिक राशि के कार्यों के लिए डीएम, डीपीआरओ और एडीओ की स्वीकृति लेनी पड़ती है। प्रधानों ने सांसदों के वेतन की लागू व्यवस्था के तहत ही ग्रामीण अंचलों के जनप्रतिनिधियों के वेतन की व्यवस्था तय करने की मांग की। इस दौरान देवेंद्र सिंह, फुरकान चौधरी, सुरेंद्र सिंह, विनोद कुमार, अशोक कुमार, जाकिर त्यागी, संगीता देवी, सुक्रमपाल, मदनगिरी, ओमकार सिंह, मुबारिक अली, मुनेश, सुनील कुमार, नरेश कुमार, नाजमा, इमरान, शाबिर,
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अशोक, अनिल कुमार, बुद्धसिंह, अजय कुमार, लुकमान, नवीन राठी, प्रताप सिंह, बालेश कुमार, बिजेंद्र सिंह, रजनीश कुमार, रणसिंह आदि मौजूद रहे।

राशन डीलर पर लगाया आरोप
मुजफ्फरनगर। चरथावल क्षेत्र के कुल्हेड़ी के ग्रामीणों ने राशन डीलर पर राशन वितरण नहीं करने का आरोप लगाया है। एसडीएम सदर को दी शिकायत में कहा कि राशन डीलर फूलसिंह आम लोगों के साथ दुर्व्यवहार करता है। जांच की जानी चाहिए। उस्मान, शमशाद, शहजाद, मुदस्सिर, सद्दाम, महराज, सरफराज, नफीस, यामीन आदि रहे। 

कश्यप, कुम्हारों को अलग से दें आरक्षण
मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय दलित शोषित अति पिछड़ा वर्ग वेलफेयर सोसाइटी ने विकास की दौड़ में पिछड़ी, अति पिछड़ी जातियों को ओबीसी के आरक्षण में अलग से 15 प्रतिशत का कोटा दिया जाए। डीएम को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भी दिया गया। कहा कि प्रदेश में कुछ ऐसी ओबीसी जातियां ऐसी हैं, जिनकी हालत दलितों से भी बदतर है। शिल्पकार, तुरैहा, धनगर, कुम्हार, कश्यप आदि जातियों की हालत बेहद खराब है। विकास की दौड में आगे लाने के लिए इन्हें ओबीसी के आरक्षण में अलग से 15 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना चाहिए। सुशील प्रजापति, सुनील, नीरज, प्रमोद, संजय, दीपक, विपुल दक्ष आदि रहे।
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