भारतीय सर्वधर्म संसद ने कैराना मामले को राजनीतिक दलों की देन बताते हुए कहा कि असलियत को छिपाकर रखा गया है। धर्मसंसद जल्द ही इसका खुलासा करेगी। भारत का मुसलमान किसी भी आतंकी को अपने कब्रिस्तानों में जगह नहीं देगा। पाकिस्तान से निपटने के लिए देश के 25 करोड़ मुसलमान ही काफी हैं।
श्रीराम कॉलेज में सद्भावना दिवस कार्यक्रम में भाग लेने आए भारतीय सर्वधर्म संसद के पदाधिकारियों ने पत्रकार वार्ता में कई अहम मुद्दे उठाए। भारतीय सर्व धर्मसंसद के अध्यक्ष गोस्वामी सुशील महाराज ने कहा कि कैराना का मामला उछलने के बाद वे वहां पर गए। वहां की असलियत को छिपाकर रखी गई है। इस मुद्दे पर केवल राजनीति हो रही है। जल्द ही वे इसका खुलासा करेंगे। अखिल भारतीय इमाम संगठन के अध्यक्ष डॉ इमाम उमेर अहमद इलियासी ने कहा कि समाज में अमन चैन कायम रखना हम लोगों की मजहबी जिम्मेदारी है।
हम सब लोग गंगा-जमुनी तहजीब को कायम रखने के लिए कार्य कर रहे हैं। हमने धर्म गुरुओं की हाई पावर कमेटी बनाने की मांग की है। यह कमेटी फायर ब्रिगेड की तरह लोगों के वैचारिक मतभेद मिटाने का कार्य करेगी। भारत को महाशक्ति बनाने के लिए जरूरी है कि हम सब लोग मिल-जुलकर रहें। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान देश में आतंकी हमले करा रहा है। देश के मुसलमान किसी भी कब्रिस्तान में किसी आतंकी को कोई जगह नहीं देंगे।
आतंकवाद इंसानियत के लिए नासूर है। पीओके के आतंकी अड्डों को उड़ा दिया जाना चाहिए। पाकिस्तान को जवाब देने के लिए तो भारत के 25 करोड़ मुसलमान ही बहुत हैं। जैन आचार्य डॉ लोकेश मुनि ने कहा कि जहां भी दंगा, फसाद, अशांति होती है वहां पर जाकर हम लोगों को समझाने का काम करते हैं। देश के लिए वैचारिक प्रदूषण सबसे खतरनाक है। जातिवाद जुनून और धार्मिक कट्टरता से बचना होगा। हमें अपने लोकतंत्र, समाज और देश को मजबूत करने की आवश्यकता है। बंगला साहिब गुरुद्वारा नईदिल्ली के सरदार परमजीत सिंह चंडोक, शिया धर्म गुरु मौलाना सैय्यद कल्बे रशेद रिजवी, फादर जगत सिंह, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य मुफ्ति जुल्फिकार, लखमेंद्र खुराना पत्रकार वार्ता में मौजूद रहे।
सद्भावना दिवस से दिया संदेश
देशभर की धार्मिक संस्थाओं से आये धर्म गुरुओं ने श्रीराम कॉलेज के सभागार में आपसी सौहार्द का संदेश दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
डीएम डीके सिंह ने कार्यक्रम के आयोजक लखमेंद्र खुराना के प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे समाज में एक अच्छा संदेश जाएगा। इस अवसर पर डॉ लोकेश मुनि, गोस्वामी सुशील जी महाराज, कल्बे रशेद रिजवी, उमेर अहमद इलियासी, सरदार परमजीत सिंह चंडोक ने विचार रखे।