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बैंकों में कैश पर डीएम का दावा हवाई    

Tue, 06 Dec 2016 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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बैंक के बाहर हंगामा करते लोग। - फोटो : अमर उजाला
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सरकारी कर्मचारियों की समस्या को देखते हुए दिसंबर के पहले सप्ताह में 200 करोड़ जिले को मिलने का डीएम डीके सिंह का दावा खोखला साबित हुआ है। पीएनबी को केवल 31 करोड़ रुपये ही मिल पाए हैं। बैंकों में कैश की समस्या से आम आदमी जूझ रहा है। एसबीआई को छोड़कर कोई भी बैंक 24 हजार का भुगतान नहीं कर रहा है। कहीं दो हजार तो कहीं छह हजार रुपये ही बैंकों से उपभोक्ताओं को मिल पा रहे हैं।       
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शहर के बैंकों में कैश का संकट बरकरार है। 30 नवंबर को डीएम डीके सिंह ने पत्रकार वार्ता कर 200 करोड़ रुपये आरबीआई से जिले को मिलने की बात कही थी। उन्होंने दावा किया था कि इससे सरकारी कर्मचारियों की समस्या का निदान होगा। डीएम का यह दावा झूठा साबित हुआ है। जिले को आरबीआई ने केवल 31 करोड़ दिया है। यह पैसा पीएनबी को दिया गया है। यही कारण है कि सभी बैंकों में कैश की समस्या है। एसबीआई की कुछ शाखाओं में 24 हजार का पूरा भुगतान दिया जा रहा है। कैनरा बैंक ने भी कुछ सरकारी कर्मचारियों को 24 हजार तक दिया है। इसके अलावा अन्य सभी बैंक दस हजार से कम का ही भुगतान कर पा रहे हैं। 

पीएनबी की शाखाओं में कैश के आधार पर भुगतान किया जा रहा है। कहीं दो हजार तो कहीं दस हजार तक का भुगतान भी किया गया। जरूरत के आधार पर भी पैसा दिया गया। इलाहाबाद बैंक की शाखा में छह हजार का भुगतान किया गया। जिले के अन्य बैंकों की भी यही स्थिति रही। लीड बैंक मैनेजर शशि कुमार जैन का कहना है कि जिले में केवल 31 करोड़ ही आया था। इसके बाद से अब तक कुछ नहीं आया है। आरबीआई से कोई जवाब भी नहीं मिल पा रहा है। कैश की समस्या लगातार बनी है।       
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एटीएम भी हो रहे खाली      
शहर में केवल कुछ ही एटीएम नियमित चल पा रहे हैं, बाकी एटीएम बीच-बीच में बंद हो जाते हैं। जिन एटीएम में पैसा डलता है, उनमें दो हजार के नोट के लिए लंबी कतार लग जाती है। जिन लोगों को अपने दुकानदार और दूध वाले को पैसा देना है, उनके लिए दो हजार पाना भी मुश्किल हो रहा है। अपने ही पैसे के लिए आदमी को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं।
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