मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा में पहली बार शामिल हुए झारखंड के सारजन डीजे की धमक से शुरू हुई प्रतिस्पर्धा मूंछ का सवाल बन गई। उत्तराखंड के मंगलौर में सारजन और रावण डीजे संचालकों के बीच तनाव शुरू हुआ था। सारजन के समर्थकों ने रामपुर तिराहा पर पहुंचते ही रावण डीजे का विरोध किया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत से मामला संभाला। संचालकों ने करोड़ों रुपये से आधुनिक सिस्टम लगाकर लोगों की वाहवाही बटोरने की होड़ मची है।
मेरठ की कांवड़ कमेटी ने पहली बार झारखंड का डीजे सारजन बुक किया था। करीब 15 सौ किमी की यात्रा कर हरिद्वार पहुंचते ही सारजन ने सुर्खियां बटोरनी शुरू कर दी। पश्चिम यूपी के रावण डीजे, कसाना, अमर डीजे संचालकों के बीच हलचल शुरू हुई।
रावण डीजे से पहला मुकाबला मंगलौर में हुआ तो भीड़ का समर्थन सारजन को मिल गया। दोनों के समर्थक आपस में टकराए। सारजन के समर्थकों ने रामपुर तिराहा पर रावण डीजे को बजने नहीं दिया। पुलिस ने यहां से कड़ी मशक्कत कर डीजे को बाईपास से निकाला और मेरठ की सीमा तक पहुंचा दिया।
डीजे की प्रतिस्पर्धा में जातियों के नाम भी उभारे जा रहे हैं। एक-दूसरे पर टिप्पणी की जा रही है, जिससे तनाव का माहौल बन रहा है।