डीएम डीके सिंह ने सोमवार को जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। डीएम ने सरकारी डॉक्टरों द्वारा बाहर से लिखी जा रही दवाओं के पर्चे पकड़े। जिला महिला चिकित्सालय में मरीजों से पैसे लेने का मामला भी सामने आया। डीएम ने सीएमएस को जांच कराकर सीधे कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीएम डीके सिंह को शिकायत मिल रही थी कि जिला अस्पताल में बाहर से दवाई लिखी जा रही हैं। डीएम ने इसी के चलते अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। डीएम को रोगी ओम सिंह, पप्पी, संजीदा, संजय कुमार, मेहराज और नजमा ने बताया कि उन्हें बाहर से दवा क्रय करने के लिए दवा की पर्चियां चिकित्सकों द्वारा लिखी गई हैं। डीएम ने सीएमएस को शिकायतकर्ताओं की शिकायत की जांच कराने के निर्देश दिए।
जांच सही पाई जाने पर कार्रवाई करने के लिए कहा। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिये कि किसी भी स्थिति में दवा बाहर से खरीदने के लिए पर्ची न लिखी जाये बल्कि जो दवायेें चिकित्सालय मेें उपलब्ध नहीं हैं, उनकी मांग चिकित्सकों से लेकर नियमानुसार दवाई क्रय करें। डीएम ने चिकित्सालय परिसर में गंदगी पर रोष प्रकट किया। उन्होंने नियमित सफाई के निर्देश दिए। डीएम ने भर्ती पंजीकरण काउंटर जहां पर मरीजों का पंजीकरण का कार्य किया जाता है,
वह भी देखा और मरीजों का पंजीकरण रजिस्टर भी चेक किया। डीएम ने महिला चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया और वहां भर्ती महिलाओं से चाय, दूध, भोजन आदि की उपलब्धता के संबंध में जानकारी हासिल की। इस वार्ड में तहसीना पत्नी मुरसलीन निवासी तहसील खतौली ने बताया कि उसका सिजेरियन ऑपरेशन सात अगस्त को किया गया था। तहसीना ने कहा कि उसके सिजेरियन ऑपरेशन के लिए एक कर्मचारी ने 850 रुपये लिए हैं।
डीएम ने महिला सीएमएस को निर्देशित किया कि इस गंभीर शिकायत की जांच स्वयं करें और दोषी के विरुद्ध कार्रवाई कर एक सप्ताह में रिपोर्ट दें। डीएम ने ओपीडी का निरीक्षण करते हुए चिकित्सकों से निरीक्षण के समय तक देखे गए मरीजों की संख्या की जानकारी हासिल की। डॉ गरिमा अग्रवाल और डॉ संजय भटनागर आकस्मिक अवकाश पर मिले। डीएम ने ब्लड बैंक का भी निरीक्षण किया। सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र सिह, सीएमएस डॉ पीके त्यागी, महिला सीएमएस डॉ अमिता गर्ग मौजूद रहीं।