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दिनभर लाइन में लगने के बाद निराश लौटे लोग

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दिनभर लाइन में लगने के बाद निराश लौटे लोग
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मुजफ्फरनगर। जनपद में ऑक्सीजन गैस का संकट लगातार बरकरार है। आम आदमी अपने बीमार परिजनों को बचाने की खातिर सिलिंडर लेने के लिए जूझ रहे हैं। सोमवार को भी बड़ी संख्या में लोग सिलिंडर लेने के लिए लंबी कतार लगाए आईटीआई मैदान में लगे रहे, लेकिन उनमें से कई को निराश होकर लौटना पड़ा।
ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर जिला प्रशासन अभी तक पुख्ता व्यवस्था नहीं कर पाया है। बीते एक सप्ताह से जनपद में ऑक्सीजन का सही प्रकार से वितरण नहीं हो पा रहा है। इसके चलते होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना पीड़ित मरीजों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है और उनके परिजनों को घंटों-घंटों तक लाइन में लगने के बावजूद सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। अपनों की जान बचाने के लिए प्राणवायु की खातिर तीमारदार सिलिंडर लेकर भटक रहे है।
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सोमवार को भी आईटीआई मैदान में ऑक्सीजन सिलिंडर लेने के लिए दिनभर लोग लाइन में लगे रहे, लेकिन कुछ लोगों को ही ऑक्सीजन मिल सकी और अन्य को खाली हाथ लौटना पड़ा। सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह ने बताया कि ऑक्सीजन आपूर्ति की सुचारु व्यवस्था के प्रयास किए जा रहे हैं। आला अधिकारियों से संपर्क कर लगातार जिले में गैस आपूर्ति कराई जा रही है। बीच-बीच में कुछ दिक्कत होती हैं, जिन्हें दूर कर लिया जाता है। लिक्विड ऑक्सीजन कम आने के सभी सिलिंडर वितरण कम हो रहा है। सोमवार को भी कम ही सिलिंडर का वितरण हुआ, बाकी लोगों को गैस नहीं मिल सकी।
अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से मचा हड़कंप
मुजफ्फरनगर। शहर के रुड़की रोड स्थित डिवाइन हॉस्पिटल (कोविड सेंटर) में सोमवार तड़के करीब चार बजे अचानक ऑक्सीजन की कमी होने से हड़कंप मच गया। हॉस्पिटल प्रबंधन ने इसकी जानकारी अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को दी, जिससे परिजनों में भी अफरातफरी मच गई और वे इधर-उधर से ऑक्सीजन का खुद ही इंतजाम करने में जुट गए।
मामले की जानकारी मिलने पर भाजपा जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला ने तत्काल आला अफसरों से इस बाबत वार्ता की, जिसके बाद अस्पताल को आननफानन में ऑक्सीजन गैस उपलब्ध कराई गई। मामले में सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह का कहना है कि हॉस्पिटल के पास ऑक्सीजन खत्म नहीं हुई थी, बल्कि उनके पास केवल दो घंटे का बैकअप रह गया था। उन्होंने ऑक्सीजन लेने के लिए बाबा गैसेज पर गाड़ी भेज दी, लेकिन यह कन्फर्म नहीं हो पा रहा था कि गैस आएगी या नहीं। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने तत्काल प्रभाव से हॉस्पिटल के लिए गैस की व्यवस्था कराई, जिसके बाद मरीजों के परिजनों ने राहत की सांस ली।
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जाट कॉलोनी प्रकरण को मिली क्लीनचिट
मुजफ्फरनगर। तीन दिन पूर्व जाट कॉलोनी में ऑक्सीजन सिलिंडर लदी गाड़ी को स्थानीय लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। लोगों का आरोप था कि उक्त गाड़ी से ऑक्सीजन की कालाबाजारी की जा रही थी। मामले की जांच ऑक्सीजन आपूर्ति व सप्लाई पर नजर रखने वाली कमेटी को दी गई थी, जिसकी जांच में ऑक्सीजन सिलिंडर पूरी तरह वैध पाए गए। सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह ने बताया कि उक्त सिलिंडर भारत गैस एजेंसी व बाबा गैसेज के थे, जिनका स्टॉक व डिलीवरी रजिस्टर से मिलान किया गया। जांच में सभी सिलिंडर वैध पाए गए हैं।
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