ज्येष्ठ गंगा दशहरे मेले में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ ने पिछले मेले के रिकार्ड तोड़ दिए। पूरा शुक्रताल भक्तिमय रहा। गंगाघाट पर लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। घाट पर महिलाएं धार्मिक गीत और भजन गाते हुए सिर पर कलश रखकर परिवार में सुख शांति को विशेष पूजा अर्चना की। आश्रम के प्रांगण में आयोजित भंडारे में साधु संतों को भोजन करा कर दान दक्षिणा देकर आशीर्वाद प्राप्त किया। भीड़ के चलते नगर में जाम की स्थिति बनी रही।
धर्मनगरी शुक्रताल में ज्येष्ठ गंगा दशहरे को लेकर जिला पंचायत के तत्वावधान में चार दिवसीय मेले का आयोजन किया गया। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को ही गंगा का अवतरण इस भूमंडल पर हुआ था। आज के दिन गंगोत्री से गंगा जी निकलकर ऋषिकेश, हरिद्वार, शुक्रताल, गढ़मुक्तेश्वर, प्रयाग, वाराणसी आदि तीर्थों से होती हुई भक्तों पर कृपा कर गंगा सागर में सम्माहित हुई।
शुक्रताल के शुकदेव आश्रम, हनुमान धाम, दंडी आश्रम, गणेश धाम, शिवधाम, दुर्गाधाम, राम आश्रम, पीतांबरा धाम, नीलकंठ माहदेव मंदिर, गोडिया मठ, सिद्धपीठ आश्रम, बालाजी धाम, मानव निर्माण योग आश्रम, शनिधाम आदि के स्वामी ओमानंद सरस्वती जी महाराज, स्वामी गुरुदत्त महाराज, स्वामी केश्वानंद महाराज, स्वामी वेददास महाराज, महामंलेश्वर स्वामी गोपालाचार्य महाराज, स्वामी महानंद महाराज, स्वामी भजनानंद महाराज, माता राज नंदेश्वरी, स्वामी कुलभूषण महाराज, स्वामी महेश्वर आश्रम जी महाराज, स्वामी उत्तम गिरी महाराज, स्वामी भक्ति भूषण दंडी महाराज, स्वामी गीतानंद तीर्थ, गीतानंद गिरी महाराज आदि से श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद भी प्राप्त किया।
शुकदेव आश्रम के अक्षय वट वृक्ष की श्रद्धालुओं ने परिक्रमा की। शुकदेव मंदिर के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया। वहीं, नगर के विभिन्न आश्रमों और धर्मशालाओं में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह प्याऊ लगाए। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में भगवान के दर्शन कर प्रसाद चढ़ाया। पुलिस प्रशासन के आलाधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया। मेले में सुरक्षा को एसडीएम जानसठ ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, सीओ भोपा अकील अहमद पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।