खतौली। कोरोना संक्रमण काल में ढाबा संचालक भी प्रभावित हुए हैं। ग्राहक नहीं आने के कारण किराया और लेबर का खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है।
खतौली क्षेत्र में दिल्ली-देहरादून हाईवे पर सौ से अधिक ढाबे हैं। इन ढाबों का काम भी संकटों के घिरा हुआ है। कोरोना कर्फ्यू का असर इन पर भी देखने को मिल रहा है। कोरोना के चलते यात्रियों की संख्या न के बराबर है और जो मजबूरी में यात्रा कर रहे हैं। वे भी बाहर के खान-पान से परहेज कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में खतौली क्षेत्र में होटल ढाबे कारोबार बंद होने के कगार पर पहुंच गया है। नेशनल हाईवे स्थित ढाबा संचालक सुनील कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते हाईवे पर यात्री नहीं है, जिस कारण ढाबा भी खाली रहता है। ऐसी स्थिति में लेवर खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है। ढाबे का किराया भी देना मुश्किल हो रहा है।
ढाबा व्यवसायी गुलजार, कपिल के अनुसार उनका रोजगार बंद होने के कगार पर है। पूरे दिन यात्रियों की गाड़ी आने की प्रतीक्षा करते हैं, लेकिन कोई भी रुकने को तैयार नहीं है। ऐसे में प्रतिदिन बनाया जा रहा भोजन भी खराब हो रहा है। ढाबा स्वामी वैभव कुमार, स्वामी वेदप्रकाश का कहना है कि जमीन अपनी होने के बाद भी ढाबे की लेवर का खर्च निकाल पाना मुश्किल हो गया था।