पुलिस विभाग के डॉग स्क्वॉड में शामिल रहे लेबरा डॉग टाइगर का निधन होने पर डीजी कंट्रोल रूम ने टाइगर के बारे में पूरी रिपोर्ट मांगी है। टाइगर को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। टाइगर ने बीते 15 वर्षों में स्क्वाड में रहकर अनेक केसों के खुलासे में अहम भूमिका निभाई।
पुलिस विभाग में टाइगर की सेवाओं को हमेशा याद रखा जाएगा। लेबरा डॉग टाइगर वर्ष 2003 में मुजफ्फरनगर पुलिस विभाग में बतौर इंस्पेक्टर शामिल हुआ था। टाइगर ने मध्य प्रदेश में स्थित बीएसएफ एकेडमी से विशेष ट्रेनिंग ली थी। उसकी आयु को देखते हुए सहायता के लिए स्क्वॉड में टकी जर्मन शैफर्ड डॉग को भी शामिल किया गया था।
उम्र अधिक होने पर 15 वर्ष 7 महीने और 9 दिन का जीवन जीने के बाद मंगलवार को टाइगर का निधन हो गया। उसके शव का पोस्टमार्टम करा कर पुलिस लाइन में टाइगर को अंतिम सलामी दी गई। बाद में राजकीय सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया गया।
इस दौरान एएसपी मणिलाल पाटीदार, आरआई वीरेंद्र सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे। स्क्वॉड के डॉग मास्टर सतीश कुमार ने बताया कि डीजी कंट्रोल रूम ने टाइगर का पूरा ब्योरा समेत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने बताया कि टाइगर ने अपने कार्यकाल के दौरान अनेक गंभीर और संगीन केसों के खुलासे में पुलिस की सहायता की है।
जानसठ में फेरी लगाने वाले लापता हुए युवकों की बरामदगी, कांधला में प्रधान हत्याकांड के खुलासे, नईमंडी में मासूम बच्चे की हत्या कर शव को बोरी में बंद कर ड्रम में डालने आदि संगीन मामलों का खुलासा टाइगर की मदद से हुआ था।