विकास भवन में हंगामा करतीं आंगनबाड़ी।
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बीएलओ में दूरदराज के गांवों में ड्यूटी लगाने के बाद तहसीलकर्मी द्वारा धमकाने और एफआईआर की धमकी देने के विरोध में आंगनबाड़ियों ने विकास भवन पर हंगामा किया। डीपीओ का घेराव करते हुए सही स्थानों पर ड्यूटी लगाने की मांग की। एसडीएम द्वारा सही ड्यूटी लगाने और उत्पीड़न नहीं होने देने के आश्वासन पर महिलाएं शांत हुईं।
सोमवार को दफ्तर खुलते ही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने विकास भवन घेर लिया। जिला कार्यक्रम अधिकारी माला सोनकर का घेराव कर बीएलओ में गलत तरीके से ड्यूटी लगाए जाने का विरोध किया। आरोप है कि तहसील में उनकी ऐसे गांवों में ड्यूटी लगा दी गई, जिनके बारे में उन्हें जानकारी ही नहीं है। नियम के अनुुसार उनकी ड्यूटी केवल उनके कार्य क्षेत्र में ही लग सकती है।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने अपनी अधिकारी के सामने यह आरोप भी लगाया कि तहसील कर्मी गौरव ने आंगनबाड़ी वर्कर कृष्णा और बीना त्यागी को फोन पर धमकाया। सेवा समाप्त कराने और एफआईआर कराने की धमकी दी।
विकास भवन में उमड़ी भीड़ पर सीडीओ ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को बुलाकर समस्या के बारे में पूछा। सीडीओ ने इस मामले में सीधे एसडीएम सदर से बात की और निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। उनसे उन्हीं के क्षेत्र में काम लिया जाए।
बाद में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम से मिला। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि बीएलओ में उनकी ड्यूटी बदल दी जाएगी। आंगनबाड़ी सहायिकाओं ने शहरी क्षेत्र में ड्यूटी लगाए जाने का यह कहते हुए विरोध किया कि वह कम पढ़ी-लिखी हैं, उनकी ड्यूटी गांवों में ही लगाई जाए।