मुजफ्फरनगर। सावन के महीने में लोगों की सबसे पसंदीदा मिठाई घेवर पर महंगाई की मार है। देशी घी से बने घेवर के दाम छह सौ रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। इसकी वजह घी के टीन के दाम में पिछले साल के मुकाबले एक हजार रुपये की बढ़ोत्तरी हो चुकी है।
तीज का त्योहार 31 जुलाई को मनाया जाएगा। त्योहार पर दिए जाने वाले सिंधारे में घेवर का प्रयोग किया जाता है। देशी घी से बने केसरिया रबड़ी घेवर का दाम इस बार छह सौ रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि पिछले साल इसके दाम 540 से 560 रुपये प्रति किलो तक थे। इसी वजह से घेवर के शौकीनों को इस बार जेब ढीली करनी पड़ रही है।
भोपा रोड के मिठाई विक्रेता रचित सिंघल का कहना है कि वर्तमान में देशी घी का 15 किलो का टीन 8450 रुपये में मिल रहा है, जबकि पिछले साल इसी टीन के दाम कम थे। देशी घी पर औसतन एक हजार रुपये प्रति टीन के बढ़ गए हैं। इसी वजह से इस बार घेवर के दाम 40 रुपये प्रति किलो बढ़ाए गए हैं।
वनस्पति घी के दाम भी भी महंगे
वनस्पति घी का टीन भी दो हजार रुपये में मिल रहा है। तीन महीने पहले तक दाम ढाई हजार रुपये प्रति टीन तक पहुंच गए थे। हलवाई सतपाल बताते हैं कि दाम कम हुए हैं, लेकिन पिछले साल के मुकाबले दो सौ से ढाई सौ रुपये अभी भी ज्यादा हैं।
कच्ची सड़क पर घेवर की महक
शहर के कच्ची सड़क पर मावा बनाने और सप्लाई करने का काम जोरों पर चल रहा है। हलवाई सतपाल ने बताया कि मावा से बना घेवर 280 से 300 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है, जबकि सादा घेवर दो सौ रुपये प्रति किलो तक है। पिछले साल के मुकाबले 40 रुपये तक दाम इस बार बढ़ गए हैं।
शहर के मुकाबले देहात में दाम कम
शाहपुर कस्बे के मिठाई विक्रेता नीरज कुमार ने बताया कि इस वर्ष सादा घेवर 160 से 180 रुपये प्रति किलोग्राम है जबकि पिछले वर्ष यह घेवर 120 से 140 रुपये प्रति किलोग्राम था। मैदा व रिफाइंड के दाम बढ़े हैं।
गैस और घी से बढ़ी महंगाई
मंसूरपुर में नेशनल हाईवे पर मिठाई विक्रेता अनिल कुमार ने बताया कि गैस और घी के दाम बढ़ने से घेवर के दाम भी बढ़ गए हैं। इसी वजह से देशी घी से बने घेवर के दाम इस बार छह सौ रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। मिठाई विक्रेता ओमपाल सिंह ने बताया कि मावे वाले घेवर के दाम 280 से 300 रुपये प्रति किलो तक हैं। पिछले साल सादा घेवर 170 रुपये प्रति किलो तक थे, इस बार सादे घेवर के दाम 180 रुपये प्रति किलो हैं।