बुढ़ाना। कस्बे की यूपी ग्रामीण बैंक शाखा में मंगलवार को 11वें दिन लेनदेन शांतिपूर्वक हुआ। बैंक में हुए कथित घोटाले को लेकर जांच जारी है। निलंबित अधिकारियों और कर्मचारियों के खातों की छानबीन की जा रही है।
बुढ़ाना शाखा में ग्राहकों ने साढ़े तीन लाख रुपये जमा किए। वहीं, 15 लाख रुपये की निकासी हुई। बैंक के खातों की निगरानी लखनऊ मुख्यालय से की जा रही है। जिला मुख्यालय से आई जांच टीम आज भी जांच कार्य में जुटी रही। उप क्षेत्रीय प्रबंधक नवदीप सिंह ने बताया कि अधिक जरूरतमंद ग्राहकों को चिह्नित कर उनके आवेदन लखनऊ भेजे जा रहे हैं। जल्द ही उनके खातों में पैसे भेज दिए जाएंगे। वरिष्ठ प्रबंधक नितिन वर्मा ने बताया कि पूर्व शाखा प्रबंधक सहित निलंबित अधिकारियों के सभी बैंक खातों को खंगाला जा रहा है। घटना की नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई जा चुकी है।
बड़े खातों के लेनदेन से जुड़ी शिकायतें लखनऊ भेजी गई हैं। लखनऊ मुख्यालय से जांच टीम आने के बाद ही बड़े खातों की विस्तार से छानबीन होगी। सभी खातों की निगरानी बैंक के मुख्यालय लखनऊ से की जा रही है। बैंक में रुपये जमा करने वालों की संख्या बढ़ने लगी है। बैंक में कितने करोड़ का घोटाला हुआ है, यह अंतिम जांच के बाद ही पता चलेगा।
यह था मामला-
यूपी ग्रामीण बैंक की बुढ़ाना शाखा में उपभोक्ताओं के खातों से रुपये निकालने, शाखा प्रबंधक को नकद दिए गए रुपये खातों में जमा न होने का मामला सामने आया था। इसके बाद उपभोक्ताओं ने बैंक पर हंगामा किया था। जांच में सामने आया था कि उपभोक्ताओं का पैसा निकाल लिया गया था। काफी पैसा ट्रांसफर किया गया। एफडी पर लोन ले लिया गया। 23 सितंबर को तत्कालीन प्रबंधक रूपक राणा, सहायक प्रबंधक नेहा दिलवालिया, गौरव अग्रवाल, कर्मचारी विकास कुमार के खिलाफ बुढ़ाना कोतवाली में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया था। अभी तक की जांच में साढ़े आठ करोड़ की धोखाधड़ी सामने आई है। जांच अभी चल रही है। धोखाधड़ी की रकम बढ़ भी सकती है।