मुजफ्फरनगर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार देवभूमि का मूल स्वरूप कायम रखने के लिए प्रदेश में डेमोग्राफी संतुलन बनाए रखने की चुनौती से लड़ रही है। यह अलग राज्य से भी बड़ा आंदोलन है। आंदोलनकारियों और शहीदों के परिवारों को इस चुनौती से निपटने के लिए उनकी सरकार का साथ देना होगा। रामपुर तिराहा स्मारक स्थल पर सात बलिदानियों की प्रतिमा स्थापित कराने का एलान किया गया।
संस्कृति विभाग उत्तराखंड के तत्वावधान में रामपुर तिराहा कांड के 30 साल पूरे होने पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि स्मारक उन्हें एक काले अध्याय की याद दिलाता है। आंदोलन के दौरान वह बहुत छोटे थे, लेकिन विभीषिका उन्हें याद है। एक सितंबर 1994 को खटीमा, सात सितंबर को मसूरी में गोली कांड हुआ था, लेकिन दो अक्तूबर को रामपुर तिराहा पर बर्बरता की सारी हदें पार कर दी गईं।
निहत्थे आंदोलनकारियों पर गोलियां चलवाई गईं और महिलाओं की अस्मत के साथ खिलवाड़ काे कोई नहीं भूल सकेगा। वहीं आंंदोलकारियों के लिए किए गए कार्य गिनाए।
स्मारक स्थल के लिए एक बीघा भूमि दान करने वाले पंडित महावीर शर्मा के प्रतिमा स्थल का शिलान्यास किया। पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि उत्तराखंड के लोगोंं ने हमेशा पहली पंक्ति में खड़े होकर देश की रक्षा की। इस मौके पर राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, सांसद चंदन चौहान, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा, एमएलसी वंदना वर्मा मौजूद रहीं।