रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में सवार होते यात्री।
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एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में कई राज्यों में फैले विरोध प्रदर्शन और बवाल की वजह से कई एक्सप्रेस और मेल ट्रेन आठ घंटे की देरी से पहुंची। रात में सहारनपुर पैसेंजर रद्द होने और परिवहन बसों की सेवा कम करने से भी यात्रियों को परेशानियां उठानी पड़ी। गोल्डन टेंपल मेल पांच घंटे तथा छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस साढ़े आठ घंटे लेट आई।
विरोध प्रदर्शन का असर रेल यातायात पर साफ दिखाई दिया। भोपाल से मेरठ, मुजफ्फरनगर तक बवाल के मद्देनजर उत्तर रेलवे की कई महत्वपूर्ण गाड़ियों को ट्रैक पर ही रोक दिया गया। सोमवार की रात एनडीएस पैसेंजर रद्द कर दी गई। मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के रेल यात्रियों ने रेवाड़ी-मेरठ शटल से यात्रा की।
ट्रेन दो घंटे देरी से मेरठ पहुंची। आगे का सफर मुसाफिरों ने प्राइवेट टैक्सी या अन्य वाहनों के जरिए पूरा किया। वाहन चालकों ने भी आधी रात में मनमानी के पैसे वसूले। जम्मूतवी से दिल्ली शालीमार एक्सप्रेस भी सुबह डेढ़ घंटा लेट पहुंची। रूट की अन्य कई ट्रेनें भी लेट रही।
इलाहाबाद से सहारनपुर नौचंदी लिंक एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से साढ़े तीन घंटे की देरी से आई। बवाल का असर यात्रियों पर दिखा। दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनों में भीड़ कम दिखाई दी। आरक्षण विंडों और टिकट खिड़की पर भी पहले जैसी लाइनें नजर नहीं आई।
स्टेशन अधीक्षक विपिन कुमार त्यागी ने बताया कि मंगलवार को रेल यातायात दुरुस्त करने का प्रयास किया गया। सोमवार के उपद्रव की वजह से कुछ ट्रेनें पीछे से ही लेट आईं है। यात्रियों की संख्या में अवश्य कमी दिखाई दी।
ट्रेनों में बवाल की रही चर्चा
मुजफ्फरनगर। उपद्रव का डर यात्रियों के चेहरों पर दिखाई दिया। आरपीएफ और जीआरपी प्लेटफार्म और ट्रेनों की सुरक्षा में मुस्तैद दिखी। ट्रेन की बोगियों में यात्री विरोध के तरीकों को लेकर चर्चा करते दिखाई दिए। नईमंडी में रेल लाइन के किनारे जले हुए वाहनों की मुसाफिर वीडियो बनाते रहे।