किसानों और केंद्र सरकार के बीच एक साल से जमी बर्फ पिघलती नजर आ रही है, लेकिन मिशन यूपी लंबा चल सकता है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत का कहना है कि आचार संहिता लगने के बाद इस मसले पर अगला कदम उठाएंगे। यूपी के किसानों को महंगी बिजली मिल रही है। गन्ने का भुगतान नहीं हुआ है। बैंकों के निजीकरण बिल पर कहा कि देश में साझा आंदोलन की जरूरत है।
राकेश टिकैत ने किया ट्वीट
भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने ट्वीट कर कहा कि किसान आंदोलन जब शुरू हुआ, तभी आगाह किया गया था कि अगला नंबर बैंकों का है। सोमवार को संसद में सरकारी बैंकों के निजीकरण का बिल पेश होने जा रहा है। निजीकरण रोकने के लिए देश में साझा आंदोलन किए जाने की जरूरत है।