इलाज के दौरान हुई थी मौत
हमले के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया था। 4 अक्तूबर 2020 को मेरठ में उपचार के दौरान होमगार्ड रतिराम की मौत हो गई। इसके बाद मृतक के बेटे अर्जुन की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमे में हत्या की धाराएं जोड़ दीं।
13 गवाहों के बयान के बाद सुनाया फैसला
सहायक शासकीय अधिवक्ता कुलदीप कुमार के अनुसार, अभियोजन पक्ष ने अदालत में 13 गवाह पेश किए। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने 24 जून 2026 को आरोपी दीपक को दोषी करार दिया और 2 जुलाई 2026 को उसे मृत्युदंड की सजा सुनाई।
कब क्या हुआ?
4 जून 2020: गश्त के दौरान होमगार्ड रतिराम पर चाकू से हमला।
5 जून 2020: आरोपी दीपक गिरफ्तार।
4 अक्तूबर 2020: इलाज के दौरान रतिराम की मौत।
13 अक्तूबर 2020: हत्या की धाराओं के साथ आरोपपत्र दाखिल।
5 नवंबर 2020: अतिरिक्त आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत।
19 दिसंबर 2020: आरोपी पर आरोप तय।
24 जून 2026: अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।
2 जुलाई 2026: अदालत ने दोषी को मृत्युदंड की सजा सुनाई।