गन्ना शोध संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक की मौत
मुजफ्फरनगर। गन्ना शोध संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक सेवाराम की मौत हो गई। उनके कोरोना संक्रमित होने की आशंका है। उनकी पत्नी और भतीजा कोरोना समेत आठ लोग पॉजिटिव मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने उसका सैंपल नहीं लिया था। पूरी एहतियात से शहर के नईमंडी स्थिति शमशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया।
गन्ना शोध संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक सेवाराम बीते दस दिनों से बीमार चल रहे थे। बुखार और खांसी से वे लगातार पीड़ित थे। रविवार शाम को गंभीर हालत में उन्हें जिला चिकित्सालय ले जाया गया। चिकित्सकों ने उनकी हालत और लक्षण को देखते हुए उन्हें कोरोना की आशंका जताई। साथ ही परिजनों और साथ गए कर्मचारियों से कहा कि जो इनसे जुड़े थे वे सभी अपनी जांच करा लें। कुछ देर बाद हॉस्पिटल में वैज्ञानिक की मौत हो गई। चिकित्सकों ने उनका सेंपल नहीं लिया। रविवार शाम ही परिजनों और उनसे जुड़े पड़ोसी कर्मचारियों के सैंपल लिए गए। डॉक्टरों का अंदेशा सही निकला और जांच में वैज्ञानिक की पत्नी, उनका भतीजा और दो कर्मचारी और उनका परिवार समेत आठ लोग पॉजीटिव निकले । पूरी एहतियात के साथ नईमंडी श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया है। शाहजहांपुर के मूल निवासी वरिष्ठ गन्ना वैज्ञानिक सेवाराम 1997 से यहां तैनात थे। उन्हें एक लड़का और एक लड़की है। सोमवार की शाम स्वास्थ्य विभाग की टीम कोरोना पॉजीटिव आए सभी लोगों को मेडिकल कॉलेज ले गई। गन्ना शोध केंद्र के प्रभारी निदेशक डॉ जेपी सिंह ने बताया कि कोरोना पॉजीटिव आए लोगों का उपचार शुरू हो गया है। उन्होंने अपने साथी वरिष्ठ वैज्ञानिक के निधन पर दुख जताया।
गन्ना शोध केंद्र के एक गन्ना वैज्ञानिक को लेकर परिजन और कर्मचारी रविवार को अस्पताल आए थे। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी डेथ हो गई है, तब मृतक का सैंपल नहीं लिया जा सकता था। परिजनों और साथ आए लोगों की रैपिड जांच कराई गई, जिनमें उनकी पत्नी समेत आठ लोग पॉजिटिव आए थे। ऐसे हालात में हो सकता है कि वैज्ञानिक भी कोरोना से संक्रमित हो। अस्पताल लाए जाने पर सैंपल क्यों नहीं लिया गया, इसकी जांच कराई जा रही है - डॉ. प्रवीण चोपड़ा, सीएमओ।