मुजफ्फरनगर। कोरोना का संक्रमण थम नहीं रहा है। मंगलवार को कोविड अस्पताल में भर्ती एक मरीज की मौत हो गई। अब तक जिले में 75 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। मंगलवार को 90 नए केस मिले हैं। इनमें कवाल की अस्थाई जेल के 18 बंदी भी शामिल हैं। तीन पुलिस कर्मी भी पॉजिटिव आए हैं।
सीएमओ डॉ प्रवीण चोपड़ा ने बताया कि पटेलनगर निवासी 80 वर्षीय वृद्ध को कोरोना संक्रमित पाए जाने पर बेगराजपुर स्थित मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। जहां पर मंगलवार को उनकी मौत हो गई। मंगलवार को विभिन्न स्थानों पर की गई जांच में 90 लोग संक्रमित मिले हैं। सीएमओ कार्यालय का कंप्यूटर ऑपरेटर भी पॉजिटिव मिला है। पटेलनगर में पांच, मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज में एक, संधावली में दो, सिसौली में दो, दुर्गापुरी में चार, अलमासपुर में तीन, डीएम कार्यालय में एक मरीज मिला है।
इनके अलावा सुजडू, कुटबा, न्यामू, पलडा, काकड़ा, घास मंडी, बुआड़ा खुर्द, चलसीना, इस्लामनगर खतौली, साकेत कालोनी, केनरा बैंक में पांच, खालापार, गंगारामपुरा, नई मंडी सुभाषनगर, जनकपुरी, जसंवतपुरी, केशवपुरी, रामपुरी, आर्यपुरी, प्रेमपुरी, गांधी कालोनी, द्वारिकापुरी, भरतिया कालोनी आदि स्थानों पर भी मरीज मिले हैं। जनपद में 4744 कोरोना मरीज मिल चुके हैं, जिनमें से 3729 मरीज ठीक हुए हैं। मंगलवार को भी 146 मरीज ठीक हुए, जबकि सक्रिय केस 946 हैं।
महिला को अस्पताल में न भेजने की जिद पर अड़े परिजन
खतौली। मोहल्ला इस्लामनगर में एक महिला के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद जब स्वास्थ्य विभाग की टीम उसे लेने के लिए उनके घर पहुंची, तब परिजनों ने महिला को कोविड अस्पताल भेजने से मना कर दिया। जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों तथा उसके परिजनों की नोकझोंक हुई। उसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डाक्टर मुकेश उपाध्याय ने थाने में सूचना दी। मौके पर पुलिस टीम पहुंची और महिला के परिजनों को समझा बुझा कर शांत किया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महिला को बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में भर्ती कराया।
मंगलवार को भी खुला कोविड जांच सेंटर
मुजफ्फरनगर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से महावीर चौक पर कोरोना जांच की सुविधा उपलब्ध कराते हुए जांच सेंटर बनाया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम रोजाना आकर सेंटर पर आने वाले लोगों की कोरोना जांच करती है। मंगलवार को सेंटर खुला हुआ और वहां पर टीम की मौजूदगी देख लोगों को आश्चर्य हुआ। सेंटर पर अनेक लोगों ने अपनी कोरोना जांच कराई। छुट्टी के दिन कोविड सेंटर के खुला होने का कारण नोडल अधिकारी इंद्रमणि त्रिपाठी की जिले में मौजूदगी को माना जा रहा है। जिन्होंने कोरोना की जांच में तेजी लाने और कोरोना के मरीजों को समुचित इलाज दिलाकर पीड़ित के परिजनों व पास पड़ोस के लोगों की कोरोना जांच कराने के पुलिस, प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को सख्त दिशा निर्देश दिए हैं।