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शुकतीर्थ में आएगी गंगा की धारा : डॉ. सत्यपाल सिंह  

Sun, 15 Jul 2018 12:40 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
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स्वामी कल्याणदेव को नमन करते सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय मानव संसाधन, नदी विकास एवं जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा कि नमामि गंगे योजना के अंतर्गत शुकतीर्थ में गंगा की धारा लाई जाएगी, ताकि हरिद्वार में हर की पैड़ी की तर्ज पर शुक्रताल में श्रद्धालुओं को गंगा स्नान का पुण्य मिल सके। उन्होंने दावा किया कि दिसंबर तक गंगा प्रदूषण मुक्त नजर आएगी।
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भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम में वीतराग स्वामी कल्याणदेव की पुण्यतिथि में आए केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि नमामि गंगे योजना अभियान असर जल्द सामने आयेगा। इसी वर्ष के दिसंबर तक हरिद्वार से इलाहाबाद तक गंगा को प्रदूषण से मुक्ति मिल जाएगी।

उत्तराखंड राज्य में जल शुद्धि के 18 प्लांट लगाये जा चुके हैं, इन पर जल्द काम शुरू हो जाएगा। कानपुर और इलाहाबाद में भी गंगा में प्रदूषित पानी नहीं जायेगा। शुक्रताल देश का मुख्य तीर्थ है। भागवत सप्ताह के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु शुकतीर्थ आते हैं। 
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नमामि गंगे अभियान में शामिल शुक्रताल में उत्तराखंड से गंगा की धारा लाई जाने की तैयारी है। 18 जुलाई के बाद दिल्ली में उत्तराखंड और यूपी के सिंचाई मंत्रियों, प्रमुख सचिवों के साथ संयुक्त बैठक बुलाई गई है। सिंचाई विभाग के अभियंता भी बैठक में मौजूद रहेंगे, जो शुक्रताल में गंगा की धारा लाने की युक्ति सुझाएंगे।

जैसे हरिद्वार में हर की पैड़ी पर पक्के चैनल के माध्यम से गंगा की धारा आती है, वैसे ही शुक्रताल में योजना है। वीतराग स्वामी कल्याणदेव के सपने को सरकार पूरा करेगी। सिंह ने कहा कि गंगा की शुद्धता के लिए पश्चिम की काली, कृष्णा और हिंडन नदी को भी नमामि गंगे योजना में शामिल कर लिया गया है। इन नदियों के प्रदूषित जल से वेस्ट के सैकड़ों गांव प्रभावित हैं और कैंसर जैसी घातक बीमारी से जूझ रहे हैं। एनजीटी की रिपोर्ट के बाद सरकार गंभीर है।


मुस्लिम महिलाओं का शरई अदालतों पर विश्वास नहीं : लक्ष्मीनारायण 
प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने कहा कि वर्तमान में शरई अदालतों का कोई अस्तित्व नहीं है। मुस्लिम महिलाओं को इंसाफ नहीं मिलने की वजह से कानून की शरण में आना पड़ रहा है।

 भागवत पीठ शुकदेव आश्रम शुक्रताल में वीतराग स्वामी कल्याणदेव की श्रद्धांजलि सभा में आये कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि शरई अदालतों का कोई औचित्य नहीं है।

मुस्लिम समाज के जिन पीड़ितों के लिए ये अदालतें बनी थीं, आज वहीं इन पर विश्वास करने को तैयार नहीं है। स्वतंत्र भारत में नागरिकों के लिए एक कानून है। संविधान में सभी को बराबर का हक है। देश की मुस्लिम महिलाओं का शरई अदालतों पर कोई विश्वास नहीं है।

वे इंसाफ के लिए भारतीय संविधान का सहारा ले रही है। पुलिस थानों में अपनी शिकायतें दर्ज करा रही है और न्यायालयों में इंसाफ के लिए लड़ रही हैं। सर्वे के बाद यह सच सामने आ गया है कि न्याय को मुस्लिम महिलाएं अब शरई अदालतों में नहीं जाती।
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