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पानी की एक-एक बूंद कीमती, नहीं चेते तो इलाका बुंदेलखंड बन जाएगा 

Tue, 16 May 2017 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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बाबा टिकैत की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते डॉ. संजीव बालियान। - फोटो : अमर उजाला
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सिसौली के किसान भवन में सोमवार को किसान मसीहा चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की छठी पुण्यतिथि जल बचाओ संवाद दिवस के रूप में मनाई गई। कार्यक्रम में सुबह आठ बजे हवन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने जल संवर्द्धन पर जोर दिया। कहा, अगर नहीं चेते तो इलाका बुंदेलखंड बन जाएगा। किसानों ने चौधरी साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया। 
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉक्टर संजीव बालियान ने कहा कि जल की बर्बादी एक सामाजिक बुराई है। जल बचाना समाज का काम है। जल से ही कल है। हमारा क्षेत्र गंगा-यमुना का दोआब है। सर्वे के अनुसार इस क्षेत्र में सबसे मीठा जल है। बुंदेलखंड और राजस्थान में पानी की स्थिति बदतर है। अगर हमने घरों में लगे सबमर्सिबल पंप बद नहीं किए तो यह इलाका भी बुंदेलखंड  बन जाएगा।

पानी की कीमत बुंदेलखंड वासी जानते  हैं। उन्होंने कहा कि हमारा क्षेत्र डार्क जोन में होने के कारण बिजली के कनेक्शन ट्यूबबेल  के लिए बंद कर दिए गए हैं।  क्षेत्र को डार्क जोन से वह मुक्त कराएंगे, लेकिन यहां की जनता को भी वादा करना होगा  कि जल की एक-एक बूंद को  बचाएंगे। केंद्र सरकार ने पिछले तीन वर्षों के अंदर विभिन्न विद्युत योजनाओं के तहत  600 करोड़ रुपये मुजफ्फरनगर जिले को दिए हैं। बिजली चोरी पर लगाम लगाई है।
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केंद्र सरकार ने फैक्ट्रियों के लिए नियम बनाया है कि जो फैक्ट्री जितना जल दोहन करेगी, उतना ही जल रिचार्ज करना होगा। क्षेत्र के गांव में 20 तालाबों पर कार्य चल रहा है। एक तालाब पर करीब एक करोड़ खर्च हो रहा है। प्रदूषण मुक्त करने के लिए  हिंडन और काली नदी नमामि गंगे योजना में शामिल होंगी। खतौली क्षेत्र में खतौली शुगर मिल के सहयोग से ड्रिप सिंचाई योजना चालू की जाएगी।  

योजना का खर्च 50 फीसदी केंद्र सरकार, 25 फीसदी प्रदेश सरकार और 25 फीसदी किसान स्वयं वहन करेगा। ड्रिप सिंचाई योजना से फसल का उत्पादन 40% बढ़ जाएगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाकियू के  अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि यदि पानी नहीं बचाया तो भविष्य बर्बाद हो जाएगा। खेतों में फसलों के अलावा पेड़ अधिक से अधिक लगाने होंगे। उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद  15 हजार पेड़ लगवाए हैं।  
   
भाकियू  प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत 90 के दशक से ही किसानों को जल के प्रति सचेत करने लगे थे। जल को नहीं बचाया तो एक-एक बूंद जल के लिए तरस जाओगे। जल बचाओ संवाद कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष रुपेंद्र सैनी, अशोक बालियान, अरविंद राज शर्मा, शामली जिला पंचायत अध्यक्ष प्रसन्न चौधरी, भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत, सोमपाल बालियान, योगेश कुमार, रोहित कुमार  ने संबोधित कर चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत को श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम का  संचालन धर्मेंद्र मलिक ने किया      
कीटनाशकों से बढ़ी पानी की जरुरत
सिसौली के किसान भवन में आयोजित जल बचाओ संवाद दिवस के कार्यक्रम में संबोधित करते हुए केंद्रीय निदेशक भूमि जल बोर्ड वाईपी कौशिक ने कहा कि गन्ने की फसल में अत्यधिक मात्रा में कीटनाशक दवाई खाद के प्रयोग होने से फसलों में पानी की खपत बढ़ी है। उन्होंने कहा कि गन्ने की कमी पानी की खपत वाली प्रजाति की बुवाई कर जल बचाया जा सकता है। जमीन में जीवाश्म कम हो गए हैं। ड्रिप सिंचाई से 80 % तक जल बचाया जा सकता है।  कार्यक्रम को केजी भरतिया और संजीव महरोत्रा, नाबार्ड के जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेन्द्र पडियार  ने भी संबोधित किया।

चौधरी टिकैत की पुण्यतिथि मनाई
जानसठ। भाकियू नगराध्यक्ष रेशु गोयल के आवास पर भाकियू संस्थापक चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथ मनाई गई। कार्यकर्ताओं ने चौधरी टिकैत के चित्र पर माल्यार्पण किया। वक्ताओं ने चौधरी टिकैत को किसानों का मसीहा बताते हुए कहा कि उन्होंने किसानों को सम्मान से रहना सिखाया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं को चौधरी टिकैत के दिखाए रास्ते पर चलने की शपथ दिलाई गई।

अध्यक्षता राजेंद्र प्रधान व संचालन ओमप्रकाश शर्मा ने किया। उधर, मोहल्ला हुसैनपुरा में सीताराम के आवास पर भी चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि मनाई। नवीन राजपूर, हरेंद्र सिंह, आलोक गोयल, विपिन मेंहदीयान, मास्टर महकार सिंह, धर्मवीर राठी, अशोक घटायन, सन्नी गोयल, रवींद्र, कंवरपाल, नुकुल राठी, बिटटू कांबोज, जाकिर ठेकेदार आदि मौजूद थे।
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