- बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने और शैक्षिक वातावरण को अधिक रोचक बनाने की पहल
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जिले के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने और स्कूलों के शैक्षिक वातावरण को अधिक रोचक बनाने के लिए छुट्टी के बाद डीईएआर कैंपेन और सुपर रीडिंग चैलेंज कराए जाएंगे। इससे छात्रों में पुस्तकों की पढ़ने के साथ-साथ उनका भाषा ज्ञान, उच्चारण और सामूहिक अध्ययन की आदत विकसित होगी।
समेकित शिक्षा के जिला समन्वयक सुशील कुमार ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को पाठ्य पुस्तकों के साथ-साथ साहित्यिक, वैज्ञानिक और ज्ञानवर्धक पुस्तकों के अध्ययन के लिए प्रेरित करना है। डीईएआर अभियान के अंतर्गत सप्ताह में एक दिन और निश्चित समय तय किया जाएगा।
इसमें जैसे ही घंटी बजेगी, छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षक और प्रधानाध्यापक भी अपने सभी कार्य छोड़कर अपनी पसंद की पुस्तक पढ़ेंगे। इससे विद्यालयों में सामूहिक अध्ययन का सकारात्मक माहौल बनेगा।
प्राथमिक स्तर पर सुपर-20 और उच्च प्राथमिक स्तर पर सुपर-30 रीडिंग चैलेंज चलाया जाएगा। इसमें निर्धारित समय सीमा के भीतर सबसे अधिक पुस्तकें पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को विद्यालय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। चैंपियन रीडर ऑफ द स्कूल जैसी उपाधियां देकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया जाएगा।
विद्यालय खुलने पर संचालित होंगी रीडिंग गतिविधियां बीएसए संदीप कुमार ने बताया कि सभी विद्यालयों को पुस्तकालय गतिविधियों को सक्रिय करने, बच्चों के लिए रोचक पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। विद्यालय खुलने पर नियमित रूप से रीडिंग गतिविधियां आयोजित कराई जाएंगी। यह अभियान बच्चों में अध्ययन के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ सीखने की गुणवत्ता सुधारने में भी सहायक सिद्ध होगा।
घंटी बजेगी, शुरू होगा डीईएआर कैंपेन
डीईएआर यानी ड्रॉप एवरीथिंग एंड रीड कैंपन में विद्यालय में घंटी बजेगी और छात्र अपनी पसंद की पुस्तक पढ़ने के लिए बैठ जाएगे। इसमें पाठ्यक्रम की पुस्तक नहीं होगी छात्रों को उनकी रूचि की किताबों को पढ़ने के लिए समय मिलेगा। इसमें इसमें प्रधानाध्यापक और अन्य शिक्षक भी शमिल होंगे।
सुपर रीडिंग चैलेंज में मापी जाएगी पढ़ने की रफ्तार
यह अधिक से अधिक पुस्तक पढ़ने के लिए प्रेरित करने वाली प्रतियोगी गतिविधि है। इसमें प्राथमिक स्तर पर सुपर-20 और उच्च प्राथमिक स्तर पर सुपर 30 का चैलेंज रखा गया है। इनको पढ़ने के लिए समय निर्धारित किया जाएगा। तय समय में अधिक से अधिक पुस्तक पढ़ने पर छात्र को सम्मानित किया जाएगा।