मां की प्रेरणा से कामयाबी की ओर बढ़ रहीं बेटियां
मुजफ्फरनगर। मां की ममता अनमोल होती है। जीवन में त्याग, तपस्या और समर्पण का नाम ही मां है। मां के महत्व को शब्दों में बयां करना मुश्किल नहीं बल्कि नामुमकिन है। मदर्स डे पर कोविड महामारी ने सेलिब्रेशन का अंदाज बदल दिया है। सोशल साइटों पर दूर शहरों में रहने वाली बेटियों ने मां के लिए तोहफे में संदेश भेजे हैं। हमारी खुशी में खुश हो जाती, दु:ख में हमारे आंसू बहाती, कितने खुशनसीब है हम, पास हमारे है मां...लाइनों में मां के महत्व को दर्शाया है। स्वास्थ्य सेवा में जुटीं दो बेटियों ने मोबाइल फोन पर सेलिब्रेट किया है।
मां की प्रेरणा से स्वास्थ्य सेवा में जुटी हैं दो बहनें
शाहपुर सीएचसी में तैनात स्टाफ नर्स सुनीता सैनी का जज्बा मिसाल बना है। कोविड सेवाओं टीकाकरण में मरीजों का चेकअप कर रात-दिन फर्ज निभा रही हैं। कहती है मां कुसुम ने हमेशा जीवन में लक्ष्य हासिल करने का मूलमंत्र दिया था। उन्हीं की प्रेरणा से वह और उनकी बड़ी बहन अलका रानी बेगराजपुर हॉस्पिटल में स्टाफ नर्स का जिम्मा बखूबी निभा रही है। दोनों कोविड में मरीजों का उपचार को सेवा भाव से करती है। उनके कार्यों में हमेशा हौसला बढ़ाती है। मां स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त हुई थी। ड्यूटी में व्यस्तता के चलते रविवार मदर्स डे पर मोबाइल फोन पर मां को विश कर आशीर्वाद लिया। कहती हैं मां के कर्ज को किसी भी रूप में नहीं उतारा जा सकता है।
मम्मी को सरप्राइज गिफ्ट दिया
चरथावल की अंजना त्यागी सीएचसी पर स्टाफ नर्स हैं। उनके पति डॉ. शैलेंद्र निजी चिकित्सक हैं और आरोग्य हॉस्पिटल के एमडी हैं। अंजना की बेटी अंशिका कक्षा 10 की छात्रा है और बेटे शौर्य और सौम्य है। स्टाफ नर्स होने के नाते उनकी ड्यूटी वैक्सीनेशन, प्रसूति विभाग और बेगराजपुर कोविड हॉस्पिटल में लगती रहती है। महामारी से बच्चों को बचाने की कवायद कठिन लगती है। बकौल उनके उन्होंने आवास में बाहर की तरफ कमरा बनवा रखा है। बिना स्नान किए बच्चों से नहीं मिलती। कहती है रविवार को जब वह ड्यूटी से लौटी, तो तीनों बच्चों ने कोमल भावनाओं से परिपूर्ण आकर्षक गिफ्ट दिया। उन्हें मदर्स डे पर बच्चों से मिलें सरप्राइज गिफ्ट से बेहद खुशियां मिली। बेटी बोली मम्मी...खतरा बढ़ रहा है, आयोजनों की मस्ती पर कोरोना का साया है। इस संकट में हमसे बढ़कर देश के लिए आपकी सेवाएं अमूल्य हैं। अपना भी ख्याल रखा करों।
केक बना मां को खिलाया
खतौली। कोरोना काल में बच्चों ने घरों में रहते हुए मदर्स-डे मनाया। बच्चों ने अपने हाथों से केक बनाकर मां को खिलाकर उन्हें मदर्स-डे की बधाई दी। कस्बा निवासी बीकॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा पलक गर्ग ने मदर्स-डे पर घर पर ही अपने हाथों से मां के लिए केक बनाकर उन्हें खिलाया। उर्मिला व महिमा ने केक काटकर मातृ दिवस मनाया। पैंठ रोड निवासी माधव ठकराल ने अपनी मां रेनू ठकराल के पैर छूकर उनसे आशीर्वाद लिया और परिस्थितियां ठीक होने पर उन्हें तीर्थयात्रा पर ले जाने का वादा किया।