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लॉकडाउन में बेटियां सीख रहीं स्वादिष्ट व्यंजन बनाना

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शहर के शाकुंतलम में बेटियों की रोटी बनाना सिखाती मां नीरज। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर। लॉकडाउन में जहां लोगों को घरों में रहना बोरियत भरा लग रहा है, वहीं वर्ष भर पढ़ाई में उलझी रहने वाली बेटियों ने किचन में मोर्चा संभाल लिया। किसी ने नए-नए व्यंजन बनाने की पाककला सीखी तो कोई रोटी बेलने का अभ्यास करती दिखाई दी।
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लॉकडाउन के दौरान बेटियों की घर की रसोई में दिलचस्पी नजर आ रही है। बेटियां, दादी और मम्मी से पाककला के गुर सीख रही हैं, वहीं नई डिश बनाने में भी हाथ आजमाइश आ रही हैं। शहर के शाकुंतलम में शिक्षिका नीरज मलिक ने बेटियों अदिति और अंशिका को दाल, रोटी, सब्जी बनाने का बखूबी अभ्यास कराया। नीरज कहती हैं कि 21 दिन के लॉकडाउन में घर में बोरियत ही नहीं महसूस हुई। बेटियों ने ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर बनाने में मदद की और किचन संभालने में रुचि दिखाई। सुभाषनगर में छात्रा उन्नति ने बुजुर्ग दादी संयोगवती से कढ़ी और आलू-पालक की पकौड़ी बनानी सीखी। गृहिणी रेनु शर्मा, नीतू रंधावा बताती हैं कि लॉकडाउन में उन्होंने यू ट्यूब पर उपमा, चना चाट, चिली पनीर जैसी कई स्पेशल डिश बनाने की विधि सीखी। परिवार को भी नए स्वाद चखने का आनंद आया।
चॉकलेट लड्डू और सांभर-डोसा सीखने का दिखा क्रेज
मुजफ्फरनगर। भरतिया कालोनी निवासी सीमा की बेटी अलंकृता शारदेन स्कूल में कक्षा सात की स्टूडेंट है। ऑनलाइन क्लास के बाद अलंकृता और छोटी बहन जिविषा ने नारियल तथा चॉकलेट के लड्डू बनाने सीखे है। साथ ही मम्मी से वेज सैंडविच और वॉटरमेलन जूस तैयार करने की टिप्स ली। गोशाला रोड नई मंडी निवासी प्रिया ने मां सुनीता से दक्षिण भारत के व्यंजन बनाने सीखे हैं। द्वारिकापुरी निवासी गृहिणी कविता की बेटी सोनी और खुशी ने भी कोरोना लॉकडाउन में मम्मी से राजमा, छोले, बैंगन भर्ता आदि बनाने का अभ्यास किया।
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