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‘दहेज की लानत के चलते नहीं हो रहा बेटियों का निकाह’

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मजलिस-ए-शूरा के सदस्य सैयद अंजर हुसैन मियां साहब को पसर्नल लॉ बोर्ड के अभियान से संबंधित पत्र सौं? - फोटो : DEVBAND
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‘दहेज की लानत के चलते नहीं हो रहा बेटियों का निकाह’
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देवबंद (सहारनपुर)। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आसान मसनून निकाह अभियान के तहत इस्लाही मुआशरा (समाज सुधार) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उलमा ने लोगों से मस्जिदों में सादगी के साथ निकाह करने, शादी में दहेज न लेने, डीजे और डांस सहित अन्य गैरजरूरी रस्मों को पूरी तरह से छोड़ने का आह्वान किया। दहेज की लानत के चलते ही लाखों बेटियों का निकाह नहीं हो पा रहा है।
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सहारनपुर-मुजफ्फरनगर हाईवे स्थित दारुल उलूम जकरिया में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस्लामी शिक्षण संस्था दारुल उलूम की मजलिस-ए-शूरा के सदस्य सैयद अंजर हुसैन मियां साहब ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा किए जा रहे समाज सुधार कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि शादियों में गैर जरूरी रस्मों से समाज में कुरीति बढ़ रही है। दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती अहसान कासमी ने कहा कि समाज ने शादियों को बेहद मुश्किल बना दिया है, जबकि इस्लाम ने इसे बहुत ही आसान बनाया हुआ है। दहेज की लानत के चलते हमारी जवान बेटियां घरों में बैठी हुई हैं। शादी को शरीयत के हुक्म के मुताबिक आसान बनाया जाए। दारुल उलूम जकरिया के मोहतमिम मुफ्ती शरीफ खान और जामिया तुश शेख हुसैन अहमद अल मदनी के उस्ताद मौलाना अब्दुल्ला उमेस कासमी ने मुसलमानों के पिछड़ेपन का कारण दीन से दूरी बताया। कार्यक्रम संयोजक मौलाना मेंहदी हसन ऐनी कासमी ने बताया कि प्रदेशभर में अभियान के तहत 150 से अधिक कार्यक्रम किए जाएंगे। कार्यक्रम में पर्सनल लॉ बोर्ड के पूर्व महासचिव मौलाना वली रहमानी के इंतकाल पर दुख जताया गया। उनके लिए दुआ-ए-मगफिरत की गई। आखिर में उत्तर प्रदेश इस्लाही मुआशरा कमेटी के सदस्य कारी रहीमुद्दीन कासमी ने मेहमानों का शुक्रिया अदा किया। कार्यक्रम में मौलाना मसरूर कासमी, डा. एसए अजीज, नसीम अंसारी, मो. मुनीब, कारी साकिब मारूफी, सलीम कुरैशी, मौलाना असलम काजमी, मुफ्ती नोमान कासमी, मौलाना अख्तर, मुफ्ती हारून, मुफ्ती शकील कासमी आदि मौजूद रहे।

समाज सुधार कार्यक्रम में विचार रखते दारुल उलूम वक्फ के उस्ताद मौलाना मुफ्ती अहसान कासमी- फोटो : DEVBAND

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