साइबर सेल ने पीड़ितों को दिलवाए 16.42 लाख रुपये
मुजफ्फरनगर। साइबर सेल ने ऑनलाइन ठगी के दो मामलों में कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को उनके खातों से निकाले गए 16.42 लाख रुपये दिलवा दिए। रुपये मिलने से प्रफुल्लित पीड़ितों ने एसपी देहात व साइबर सेल प्रभारी को बुकें भेंट कर सम्मानित किया।
शहर कोतवाली क्षेत्र निवासी नंदकिशोर का बैंक खाता जानसठ रोड स्थित आईसीआईसीआई शाखा में है। जुलाई 2020 में उनके बैंक खाते से ऑनलाइन ठगी करते हुए 15.99 लाख रुपये एक दर्जन अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिए गए थे। पीड़ित ने नई मंडी कोतवाली में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसएसपी अभिषेक यादव के निर्देश पर साइबर सेल प्रभारी इंस्पेक्टर संजीव भटनागर ने मामले की जांच करते हुए पाया कि ठगों ने पीड़ित का वर्चुअल सिम अलॉट कराकर डुप्लीकेट सिम निकलवाकर उस पर नेट चालू कराने के बाद इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया था। इस पर साइबर सेल ने मुंबई से आईसीआईसीआई बैंक की साइबर टीम को एक माह पूर्व जनपद में बुलाकर उन्हें पूरे मामले से अवगत कराते हुए पीड़ित नंदकिशोर की प्रकरण में कोई गलती नहीं होने के तमाम साक्ष्य उपलब्ध कराए। एसएसपी ने बताया कि जनपद पुलिस की ओर से उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर बैंक की साइबर टीम ने धोखाधड़ी कर नंदकिशोर के बैंक खाते से उड़ाए गए 15.99 लाख रुपये रिवर्ट करने की संस्तुति बैंक के आला अफसरों से की थी। इसके आधार पर बैंक द्वारा पीड़ित नंदकिशोर के बैंक खाते में 15.99 लाख रुपये लौटाए गए हैं। वहीं, दूसरा मामला तितावी के जसोई गांव निवासी आजम की पत्नी शगूफा जबीं का है। शगूफा जबीं से कुछ लोगों ने कॉल कर एटीएम कार्ड मंगाने के नाम पर सारी जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद उनके बैंक खाते से 86 हजार रुपये उड़ा लिए गए। पीड़ित द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट पर मामले की जांच साइबर सेल को दी गई। एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि जांच में पता चला कि पीड़िता के बैंक खाते से 42 हजार रुपये पेटीएम खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इस पर तत्काल प्रभाव से पेटीएम के प्रधान कार्यालय को पत्र जारी कर इस खाते को फ्रीज कराया गया। बाद में उक्त खाते में मौजूद 42 हजार रुपये पीड़िता के बैंक खाते में रिवर्ट करा दिए गए हैं।