नोटबंदी के तीन सप्ताह बाद भी नागरिकों की दिनचर्या पटरी पर नहीं लौटी है। धन के लिए रोजाना बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। एटीएम की लंबी लाइन में लग रहे हैं, जबकि बैैंकों में कैश नहीं है। ग्राहक परेशान हैं। बुधवार को भी कई बैंकों में नो कैश की स्थिति रही। ग्राहक घंटों लाइन में लगने के बाद मायूस होकर लौटे। बुधवार को दि गुड़ खांडसारी एंड ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के बैनर तले नवीन मंडी के व्यापारी डीएम दिनेश कुमार से मिलने पहुंचे।
व्यापारियों ने बताया कि पुरानी करेंसी कोई नहीं ले रहा है, जबकि मंडी में रोजाना आढ़ती, किसान नगद भुगतान मांगते हैं। जबकि नोटबंदी के कारण व्यापारियों के हाथ खाली हैं। नई करेंसी के लिए व्यापारी लाइन में लगे या व्यापार संभालें। रबी का सीजन शुरू हो गया है। किसानों को तत्काल भुगतान में भी दिक्कतें हो रही है। चूंकि बैंक से व्यापारी सप्ताह में केवल 50 हजार रुपये निकाल सकते हैं, जो नाकाफी है। डीएम ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।
रोहाना में इलाहाबाद बैंक में कैश नहीं मिलने पर ग्राहकों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया। मंसूरपुर के गांव जड़ौदा के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में पैसे नहीं मिलने पर गुस्साए भाकियू कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने ताला डालकर बैंक के सामने धरना-प्रदर्शन किया। लोगों ने दिनभर बैंक नहीं खुलने दिया।
आज मिलेंगे 253 करोड़
डीएम डीके सिंह ने आरबीआई कानपुर में वार्ता कर जिले की स्थिति से अवगत कराया। डीएम ने बताया कि आरबीआई अफसरों ने आश्वासन दिया है कि पीएनबी को 31 करोड़ और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स को 62 करोड़ रुपये बृहस्पतिवार सुबह तक पहुंच मिल जाएंगे। पीएनबी को 60 करोड़ रुपये और भेजे जा रहे हैं। भारतीय स्टेट बैंक को 100 करोड़ रुपये भी जारी किए जाएंगे। इतना धन आने के बाद जिले में स्थिति सामान्य हो जाएगी।
बैंक पर ग्रामीणों ने ताला डाला
मंसूरपुर के गांव जड़ौदा के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में पैसे नहीं मिलने पर गुस्साए भाकियू कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने ताला डालकर बैंक के सामने धरना-प्रदर्शन किया। गुस्साए लोगों ने दिनभर बैंक नहीं खुलने दिया।
मंसूरपुर के गांव जड़ौदा के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में पिछले कई दिनों से कैश नहीं होने से ग्रामीणों को पैसे नहीं मिल रहे हैं। जिसको लेकर बुधवार को ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने बैंक पर सुबह दस बजे हंगामा खड़ा कर दिया। इस दौरान भाकियू कार्यकर्ता भी बैंक पर पहुंच गए थे। गुस्साए भाकियू कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने बैंक पर ताला डाल दिया। इसके बाद वे बैंक के सामने ही धरना देकर बैठ गए।
बैंक के उच्चाधिकारियों ने फोन पर धरनारत लोगों को आश्वस्त किया कि बृहस्पतिवार सुबह दस बजे से सभी ग्राहकों को बैंक से पैसा मिलना शुरू हो जाएगा। इस आश्वासन पर शाम पांच बजे धरना समाप्त हो सका। धरने पर विनय भारद्वाज, सतेंद्र, लाला, बबलू, गय्यूर, शमशाद, मुबारिक आदि शामिल रहे।