- कादीखेड़ा-जागाहेड़ी गांव में आयोजित वार्षिकोत्सव सम्पन्न
- भजनों से ईश्वरभक्ति और देशप्रेम का दिया संदेश
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मुजफ्फरनगर। आर्य समाज कादीखेड़ा-जागाहेड़ी के वार्षिकोत्सव में भजनों द्वारा ईश्वरभक्ति और देशप्रेम का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि ऋषि दयानंद के सिद्धांतों और आदर्शों से समाज में संस्कृति और संस्कारों की दृढ़ता बनेगी।
कादीखेड़ा गांव स्थित आर्य समाज आश्रम में आयोजित वार्षिकोत्सव का शुभारंभ यज्ञ से हुआ। ब्रह्मा वानप्रस्थी सत्यमुनि एवं यज्ञमान अनुज सपत्निक रहे। भजनोपदेशक राजवीर सिंह, मुकेश आर्य ने प्रेरक भजनों से ईश्वर भक्ति की महिमा रखी। वैदिक प्रवक्ता विनीत आर्य ने कहा कि पृथ्वी, सूर्य, चंद्रमा, आकाश, वायु, जल आदि लोक-लोकांतर ईश्वर की व्यवस्था से संचालित है। सृष्टि की समस्त व्यवस्थाएं सर्वशक्तिमान एवं निराकार ईश्वर के नियंत्रण में है।
अतिथि विधायक चंदन चौहान की पत्नी यशिका चौहान ने कहा कि समाज और राष्ट्र की रक्षा के लिए आर्य समाज से युवाओं को जोड़ा जाए। वैदिक शिक्षा पद्धति के गुरुकुलों और शिक्षण संस्थाये बालक-बालिकाओं का चरित्र निर्माण करती है। गजेंद्र राणा ने कहा कि संस्कृति और संस्कारों का जीवन में महत्व समझने के लिए यज्ञ और योग से जुड़िए। इस मौके पर वानप्रस्थी इन्द्रमुनि, राममुनि, आंनद पाल सिंह आर्य, मुकेश आर्य, अनूप सिंह राठी, हरिओम त्यागी, शांता प्रकाश आर्य,योगाचार्य सुरेंद्र पाल सिंह आर्य आदि ने विचार रखे। ब्रजवीर सिंह, विशाल, उदयवीर सिंह, तपेंद्र आर्य का सहयोग रहा। संचालन मासूम ने किया।