स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, मां सरस्वती की आराधना
मुजफ्फरनगर। जनपद के देहात क्षेत्र में भी वसंत पंचमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। स्कूलों में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर मां सरस्वती की आराधना की गई। वहीं, युवाओं व बच्चों ने जमकर पतंगबाजी की।
पुरकाजी में कस्बे के स्कूलों में वसंत पंचमी धूमधाम से मनाई गई। न्यू स्टेपिंग स्टोंस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में मंगलवार सुबह हवन-यज्ञ किया गया। छात्र-छात्राओं ने मां सरस्वती की आराधना कर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। स्कूल प्रबंधक कृष्ण गोपाल बंसल, उपाध्यक्ष डॉक्टर विनोद त्यागी, सचिव प्रवीण गर्ग, प्रधानाचार्य हरियोग वीर संत मौजूद रहे। सनशाइन एकेडमी में मां सरस्वती की वंदना की गई। छात्रा नव्या गोयल ने नृत्य प्रस्तुत किया। प्रधानाचार्य सतविंदर सिंह बेदी, सुशील खुल्लर, सुखपाल सिंह बेदी, विपिन खुल्लर, अश्वनी खुल्लर मौजूद रहे। गुड मॉर्निंग स्कूल में बच्चों ने रंगोली बनाकर मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की। स्कूल प्रबंधक अनीता शर्मा, प्रधानाध्यापक पंडित भानु शर्मा, उज्मा फरीदी, अंजू शर्मा, गुंजन शर्मा व नेहा मौजूद रहे। संयुक्त व्यापार मंडल द्वारा भी कार्यक्रम आयोजित कर मां सरस्वती की वंदना की गई। नगराध्यक्ष रॉबिन गोयल, मणिकांत गोयल, नरेश मिगलानी, कपिल मित्तल, रजनीश अग्रवाल, प्रदीप चौधरी आदि मौजूद रहे।भोपा। सेंट जेवियर्स ग्लोबल स्कूल में मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की गई। प्रधानाचार्या मोनिका चौधरी, प्रबंध समिति अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह, संजय तोमर, उप प्रधानाचार्या अक्षमा चौधरी आदि मौजूद रहे।
शाहपुर में गांव सोंहजनी तगान स्थित राखी पब्लिक स्कूल में मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के बाद यज्ञ किया गया। स्कूल प्रबंधक डॉ आरएन त्यागी व प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार ने छात्र-छात्राओं को वसंत पंचमी का महत्व बताया।
मीरापुर में सुक्खन लाल आदर्श कन्या इंटर कॉलेज में मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की गई। प्रधानाचार्या रेणु बेदी ने स्वतंत्रता सेनानी सुहेलदेव के कार्यों की जानकारी दी। भाषण व पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। भाषण प्रतियोगिता में मुस्कान ने प्रथम, सिदरा परवीन ने द्वितीय और पलक मित्तल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पेंटिंग प्रतियोगिता में हुमा ने प्रथम, वैष्णवी अग्रवाल ने द्वितीय व इशिता संगल और ताबिश ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।कस्बे के प्रसिद्ध मंदिरों में भी मां सरस्वती का पूजन कर प्रसाद वितरित किया गया।