जिले के तीन हजार कोल्हुओं में पेराई बंद
मुजफ्फरनगर। तीन दिनों से लगातार बेमौसम की बारिश ने जिले में गुड़ उद्योग को चौपट कर दिया है। गुड़ के सीजन का पीक समय है और इस बीच लगातार बारिश ने पूरा सिस्टम ब्रेक कर दिया है। चार दिन से जिले के तीन हजार कोल्हू बंद पड़े हैं। कोल्हुओं पर जो गन्ना पड़ा है उसके खराब होने की स्थिति पैदा हो है। कोल्हुओं ने गन्ने की खरीद बंद कर दी है। किसानों का गन्ना बेचने का विकल्प धराशाई हो गया है।
गन्ना कटाई और गुड़ उत्पादन का यह पीक समय है। बारिश ने जिले में गन्ना और गुड़ के सारे समीकरण बिगाड़ दिए है। चीनी मिलों के बाद कोल्हू किसानों के पास एक विकल्प के रूप में रहते हैं। विभिन्न परिस्थितियों में किसान नकद भुगतान के लिए अपना गन्ना कम रेट पर कोल्हुओं पर डाल देता है। कोल्हुओं पर चीनी मिलों से 100 रुपये क्विंटल कम का रेट चल रहा था। कोल्हू से 200 से 250 रुपये क्विंटल तक गन्ना खरीद रहे थे। लगातार बारिश से जिले के तीन हजार कोल्हुओं में से अधिकतम बंद हो गए हैं। सूखा ईंधन नहीं होने के कारण यह समस्या खड़ी हो गई है। कोल्हुओं ने गन्ने की खरीद पूरी तरह बंद कर दी है। कोल्हू संचालक किसी भी भाव पर गन्ना खरीदने को तैयार नहीं है। कोल्हुओं पर जो गन्ना पड़ा है वह सड़ने की स्थिति में है। चार दिन से कोल्हू बंद है और यही स्थिति जारी रही तो गन्ना पूरी तरह खराब हो जाएगा। भोपा के कोल्हू संचालक धीरेंद्र कुमार का कहना है कि इस बार गुड़ का सीजन बारिश ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। कोल्हुओं के पास न तो सूखा ईंधन है, ईंधन सुखाने की जगह पर पानी भरा है। ऐसे में होली के बाद ही कोल्हू चल पाएंगे। इस समय गन्ने की खरीद करने का कोई लाभ ही नहीं है। गांव पटौली के कोल्हू संचालक आबाद का कहना है कि उनके पास जो गन्ना स्टॉक है, इसी के खराब होने की स्थिति बनी है। मौसम के पूरी तरह साफ होने तक नए गन्ने की खरीद नहीं होगी। जिस तरह बारिश हो रही है, इससे होली से पहले तो कोल्हू चल ही नहीं सकते। होली के बाद कब चलेंगे यह भी मौसम पर ही निर्भर है। खतौली के रतनपुरी क्षेत्र में कोल्हू पर गन्ने के दाम 200 से 230 चल रहे थे, बारिश से यहां भी गन्ने की खरीद रुक गई है। कोल्हू संचालक जयभगवान का कहना है कि इस बार सीजन गुड़ व्यापार को बार-बार प्रभावित कर रहा है। मौसम के पूरी तरह खुलने पर ही कोल्हू चलेंगे।
चीनी मिलों में आपूर्ति 30 प्रतिशत कम
मुजफ्फरनगर। बारिश में गन्ने की छिलाई और कटाई नहीं होने से चीनी मिलों में भी आपूर्ति प्रभावित हो रही है। डीसीओ आरडी द्विवेदी का कहना है कि बारिश में मिलों में आपूर्ति 30 प्रतिशत तक कम हो जाती है। मौसम के कारण इस बार सीजन दस दिन से अधिक बढ़ जाएगा।
गुड़ मंडी में आपूर्ति घटी
मुजफ्फरनगर। एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी में गुड़ की आवक काफी कम हो गई है। सामान्य रूप से यहां लगभग दस हजार कट्टे गुड़ की आपूर्ति प्रतिदिन होती है। बारिश के चलते यह दो हजार से 2500 से बीच आ गई है। मंडी एसोसिएशन के मंत्री श्याम सिंह सैनी ने बताया कि बारिश के कारण मंडी में आवक लगातार प्रभावित हो रही है। पुराना रखा माल ही आ पा रहा है, नया गुड़ नहीं बन पा रहा है।