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देश में हर जगह उपलब्ध होगा मुजफ्फरनगर का गुड़, ऑन डिमांड हर जगह गुड़ भेज सकेंगे कोल्हू मालिक

Tue, 11 Jun 2019 12:49 AM IST
Deepak Kausik अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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देश के हर जिले में अब मुजफ्फरनगर के गुड़ की पहचान होगी। देश के किसी भी कोने से कोई भी व्यक्ति अब सीधे कोल्हू मालिक से गुड़ मंगा सकेगा। केंद्र सरकार के साथ प्रत्येक प्रदेश के मुख्यालय और प्रत्येक जिले में मुजफ्फरनगर के गुड़ व्यापारियों और कोल्हू संचालकों की डिजिटल डायरी उपलब्ध होगी। गुड़ की मार्केट को विकसित करने को जिला प्रशासन यह अनूठी पहल करने जा रहा है।
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राष्ट्रीय गुड़ महोत्सव के आयोजन को सारगर्भित करते हुए जिला प्रशासन ने गुड़ को लेकर एक ऐसी पहल की है कि गुड़ का व्यापार जिले में कई गुना बढ़ जाएगा। जिले के समस्त गुड़ बनाने वाले कोल्हू संचालकों और गुड़ मंडी के व्यापारियों की डिजिटल डायरी तैयार कराई जा रही है। इस डिजिटल डायरी के माध्यम से सभी के मोबाइल नंबर केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, एनआईसी और देश के सभी जिला मुख्यालयों पर डीएम को भेजे जाएंगे।

डिजिटल डायरी के मोबाइल नंबर के आधार पर ऑनलाइन डिमांड पर कोल्हू संचालकों से सीधे गुड़ की खरीद हो सकेगी। डिजिटल डायरी में यह विवरण भी होगा कि किस कोल्हू संचालक के पास किस तरह का गुड़ है। कम गुड़ चाहिए तो सीधे कोल्हू से और अधिक चाहिए तो मंडी के व्यापारी से सीधे खरीद की जा सकेगी। प्रशासन का यह प्रयास फलीभूत होता है तो आने वाले समय में गुड़ का बाजार तेजी के साथ बढ़ेगा। ग्रामीण अंचल में लगे कोल्हू संचालकों को भी सीधे लाभ पहुंचेगा।
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पूरे देश में गुड़ की मार्केट को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन ने डिजिटल डायरी तैयार की है। इस डायरी में कोल्हू संचालकों, गुड़ ट्रेडर्स, मंडी व्यापारियों के मोबाइल नंबर होंगे और उनके पास किस क्वालिटी का गुड़ है, यह जानकारी होगी। देश के सभी जिलों के डीएम को यह डिजिटल डायरी उपलब्ध कराई जा रही है। केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और सभी प्रदेश सरकारों को भी यह डिजिटल डायरी भेजी जा रही है। देश के किसी भी कोने का व्यक्ति ऑनलाइन गुड़ की डिमांड कर सकेगा। इससे गुड़ से जुड़े लोगों को सीधे लाभ होगा - अमित सिंह, एडीएम मुजफ्फरनगर।

मिड डे मील में घुलेगी गुड़ की मिठास, जिलाधिकारी ने मंत्रियों के सामने रखा प्रस्ताव, शासन को भी लिखा जाएगा पत्र
गुड़ को लेकर मुजफ्फरनगर में हुई नई पहल को पूरे प्रदेश में ले जाने की तैयारी है। चीनी की चकाचौंध में खो रहे गुड़ के स्वाद को स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिलने वाले मिड डे मील में शामिल कराने के प्रयास शुरू हो गए हैं। गुड़ महोत्सव के दौरान डीएम अजय शंकर पांडेय ने प्रदेश के गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा के सामने यह प्रस्ताव रखा। साथ ही वह स्वयं भी शासन को इस संबंध में पत्र लिखेंगे।

देश के पहले गुड़ महोत्सव की नींव मुजफ्फरनगर में रखी गई है। तीन दिवसीय इस अनूठे आयोजन का सोमवार को समापन हो गया।  महोत्सव में गुड़ की विभिन्न वैरायटियों के साथ ही उसके सह उत्पादों को लोगों के सामने पेश किया गया। इसमें राब, खांड़ और शक्कर जैसे उत्पाद पुराने थे। गुड़ के फ्लेवर की टॉफी, रसगुल्लों आदि का स्वाद बुजुर्गों को आश्चर्य में डाल गया। इस भव्य आयोजन ने एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी मुजफ्फरनगर ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों में भी अपनी छाप छोड़ी है।

अब गुड़ के गुणों को प्रदेश भर में फैलाने की तैयारी हो गई है। इस कार्यक्रम में शामिल हुए सूबे के गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा के सामने डीएम अजय शंकर पांडेय ने गुड़ को मिड डे मील में शामिल कराने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने मंच से कहा कि परिषदीय स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को मिलने वाले भोजन में गुड़ को शामिल कराने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कार्यक्रम में आए अन्य मंत्रियों के सामने भी अपनी बात रखी। डीएम ने बताया कि वह शासन को इस संबंध में पत्र लिखेंगे। गुड़ सर्टिफाइड होता है और स्वास्थ्यवर्द्धक भी। यह मिड डे मील की स्वीट डिश या भोजन के साथ शामिल हो जाता है तो बच्चों का स्वास्थ्य अच्छा होगा और खपत बढ़ने से गुड़ उत्पादकों को भी लाभ होगा।

बुधवार को मिलता है चीनी घुला दूध
मिड डे मील की साप्ताहिक आहार तालिका में बुधवार को दूध शामिल है। प्रत्येक बच्चे को 200 मिली उबला हुआ गरम दूध चीनी घोलकर दिया जाता है। अकेले मुजफ्फरनगर जिले में परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में तकरीबन 60 से 65 हजार तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 19 हजार छात्र-छात्राएं प्रतिदिन मिड डे मील खाते हैं। यदि गुड़ को मिड डे मील में शामिल किया गया तो इसकी खपत काफी बढ़ जाएगी और उत्पादकों को काफी लाभ मिलेगा। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को मिड डे मील के अलावा गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को पोषाहार दिया जाता है। इसमें भी गुड़ शामिल हुआ तो प्रदेश में खपत का आंकड़ा ऊंचाइयां छू जाएगा।
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