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सोलानी नदी के पानी से पुरकाजी खादर में फसलें बर्बाद

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मुजफ्फरनगर के पुरकाजी के खादर क्षेत्र में नाव में बैठकर सोलानी नदी पार करते ग्रामीण। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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पुरकाजी (मुजफ्फरनगर)। खादर क्षेत्र के गांवों में सोलानी नदी का आठ फीट गहरा पानी होने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में जलभराव होने से ग्रामीण खेतों में नहीं जा पा रहे, जिससे पशुओं के चारे के साथ ही खेती-किसानी का भी संकट उत्पन्न हो रहा है। ग्रामीण नाव में बैठकर नदी को भी पार कर रहे हैं।
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पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के चलते 20 जुलाई को उत्तराखंड से सोलानी नदी में पानी छोड़ा गया था। इससे सोलानी उफान पर आ गई थी और खादर क्षेत्र के गांवों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। कई दिन बाद पानी कम हुआ तो ग्रामीणों का गांव से बाहर आवागमन भी शुरू हुआ। 29 जुलाई को फिर से उत्तराखंड से पानी छोड़े जाने से सोलानी नदी उफान पर आ गई थी। इससे खादर क्षेत्र के खेतों में जलभराव हो गया था, वहीं एक-दूसरे गांव जाने वाले मार्ग भी पानी आने से बंद हो गए थे। इसके चलते ग्रामीणों का अपने घरों से निकलना पूरी तरह से बंद हो गया था। अभी सोलानी नदी में आठ फीट गहरा पानी चल रहा है, जबकि खेतों में भी अभी जलभराव की स्थिति है। खेतों में जाने के लिए ग्रामीणों द्वारा नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लिया जा रहा है, वहीं खेतों में पानी भरा होने से ग्रामीण पशुओं के लिए चारा लाने के साथ ही खेती-किसानी भी नहीं कर पा रहे हैं।
खादर क्षेत्र के गांव रामनगर, रजगल्लापुर, शेरपुर नंगला, पांचली, भदौला, भदौली, सुहेली, जिंदावाला, चांचक, चमरावला और अलमावाला के ग्रामीण घरों में ही कैद होकर रह गए हैं। कुलवंत सिंह, देवेंद्र खालसा, प्रधान जोगेंद्र सिंह, सतनाम सिंह, गुरनाम सिंह, जगतार सिंह, राजू प्रजापति, राजेंद्र पांचली, राजेश गुर्जर, साधू राम और बिजेंद्र सिंह आदि ग्रामीणों का कहना है कि अत्यधिक पानी से खेतों में खड़ी धान व गन्ने की फसलें बर्बाद होने के कगार पर हैं। वहीं, पशुओं के लिए भी चारे की समस्या हो रही है।
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