इसके बाद मनीष ने मोबाइल से मेरठ में परिजनों को कॉल कर घटना की जानकारी दी, जिन्होंने हैप्पी के साले सचिन को फोन कर घटना से अवगत कराया। दामाद को गोली मारे जाने की सूचना मिलते ही आजाद के परिजन सदमे में आ गए। आनन-फानन में परिजन मौके पर पहुुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेजते हुए गंभीर रूप से घायल मनीष को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे रेफर कर दिया गया।
हालांकि, इसी दौरान जिला अस्पताल पहुंचे परिजन उसे नर्सिंग होम में ले गए, जहां उसकी हालत भी नाजुक बताई जा रही है। उधर, युवक की हत्या की सूचना पर सीओ बुढ़ाना विजय प्रकाश व एसओ तितावी क्षितिज कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। एसओ ने बताया कि सचिन की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। वारदात के खुलासे को टीमों का गठन किया गया है और बहुत जल्द इसका खुलासा कर दिया जाएगा।
हाथों की मेहंदी अभी भी सूखी नहीं और उजड़ गया सुहाग
गांव हैदरनगर जलालपुर में सोमवार देर रात हुई शैलेंद्र उर्फ हैप्पी की हत्या से गांव निवासी आजाद के घर मातम पसरा हुआ है। 28 फरवरी को ही शादी के लाल जोड़े में सजी आजाद की बेटी शिवानी के हाथों से मेहंदी का रंग अभी हल्का भी नहीं पड़ा था कि उसका सुहाग ही उजड़ गया। अचानक हुए इस वज्रपात से एक ओर जहां नवविवाहित शिवानी सदमे में है, वहीं आजाद के पूरे परिवार का भी रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़ित परिजनों के अनुसार लाडली की शादी काफी धूमधाम से की गई थी, जिसे सोमवार शाम ही परिजन ससुराल से मिलने के लिए मायके लेकर आए थे।
देर रात करीब एक बजे दामाद शैलेंद्र उर्फ हैप्पी चचेरे भाई मनीष के साथ अचानक शिवानी व परिजनों से मिलने बाइक से ससुराल पहुंचा था। करीब आधा घंटे ससुराल में रुकने के बाद शैलेंद्र उर्फ हैप्पी भाई मनीष के साथ घर जाने के लिए निकला, जिसे शिवानी व परिजनों ने रोकते हुए सुबह जाने को कहा, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद वह नहीं रुका।
इसके करीब 40 मिनट बाद ही शिवानी की ससुराल से उसके भाई सचिन के पास कॉल आई, जिसमें उन्होंने शैलेंद्र व मनीष के साथ हुई वारदात की जानकारी दी। घटना की जानकारी मिलते ही आजाद के घर कोहराम मच गया। आनन-फानन में परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन वहां शैलेंद्र की लाश ही मिली। सनसनीखेज वारदात से शिवानी होश खो बैठी है, जिसे परिजन व ग्रामीण महिलाएं बमुश्किल दिलासा दे रहे हैं। वहीं, आजाद व उसके परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
महज चार किलोमीटर की दूरी तय करने में पुलिस को लगे साढ़े तीन घंटे
गांव हैदरनगर जलालपुर में सोमवार देर रात हुई मेरठ के समसपुर निवासी शैलेंद्र उर्फ हैप्पी की हत्या से पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सोमवार की देर रात डेढ़ बजे हुई वारदात की जानकारी मिलने के बावजूद थाने से गांव की करीब चार किलोमीटर की दूरी तय करने में पुलिस को करीब साढ़े तीन घंटे का लंबा वक्त लगा। इसके चलते न केवल हत्यारों को सुरक्षित निकलने का मौका मिला, बल्कि तब तक गंभीर रूप से घायल मनीष भी जिंदगी-मौत के बीच जूझता रहा।
तितावी थाने से गांव हैदरनगर जलालपुर की दूरी बमुश्किल चार किलोमीटर है। गांव के रिक्शा स्टैंड पर सोमवार देर रात करीब डेढ़ बजे बदमाशों ने मेरठ के फलावदा थाना क्षेत्र के गांव समसपुर निवासी शैलेंद्र उर्फ हैप्पी को गोली मारते हुए उसके चचेरे भाई मनीष पर किसी वजनदार वस्तु से प्रहार कर उसे भी लहूलुहान कर दिया। मनीष ने घटना की सूचना अपने परिजनों को दी, जिन्होंने हैप्पी के साले सचिन को कॉल कर उसे घटना के बारे में बताया।
इसके बाद आजाद व सचिन आदि परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पीड़ित परिजनों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद सूचना दिए जाने के बावजूद थाना पुलिस करीब पांच बजे गांव में पहुंची, जिसके बाद घायल मनीष को जिला अस्पताल ले जाया गया और शव को मोर्चरी पहुंचाया गया। थाना पुलिस की इस गंभीर लापरवाही की तस्दीक जिला अस्पताल की लिखापढ़ी भी कर रही है, जिसमें घायल मनीष को सुबह 5.20 बजे दाखिल करने और शव को सुबह 5.25 बजे लेकर आने की सूचना दर्ज है।
इन्होंने कहा-
चार किलोमीटर की दूरी साढ़े तीन घंटे में तय करने वाले एसओ तितावी क्षितिज कुमार का कहना है कि घटना करीब डेढ़ बजे की है, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी सुबह 3.30 बजे दी गई। सूचना मिलने के बाद वे मौके पर पहुंच गए थे। हालांकि एसओ के ही शब्दों में, सूचना मिलने के बावजूद थाना पुलिस घटनास्थल पर करीब डेढ़ घंटे बाद क्यों पहुुंची? इसका किसी के पास कोई जवाब नहीं है।
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