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चेयरमैन के भाई की हत्या के गवाह को गोलियों से भूना   

Sun, 15 Jan 2017 12:14 AM IST
ब्यूराो /अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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muder - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सिसौली। नगर पंचायत चेयरमैन सुरेंद्र छतरी के भाई की हत्या के चश्मदीद गवाह की एक दुकान पर बदमाशों ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। इस दौरान गोली लगने से एक अन्य दुकानदार भी घायल हो गया।
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हमलावर वारदात को अंजाम देकर पैदल ही फरार हो गए। सूचना पर भौराकलां और फुगाना कोतवाल भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घंटों कस्बे के आसपास आरोपियों की तलाश की, लेकिन बदमाशों का पता नहीं चल पाया। देर रात पुलिस कप्तान बबलू कुमार भी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। 

सिसौली निवासी ऋषिपाल (35) पुत्र भुल्लन नगर पंचायत चेयरमैन सुरेंद्र छतरी के भाई प्रदीप की हत्या में चश्मदीद गवाह था। शनिवार शाम करीब सात बजे वह अपने मोहल्ले धड़ौंचा में घर से कुछ दूरी पर स्थित लाला विपिन की परचून की दुकान पर बैठा था। रात करीब सात बजे चार बदमाश पैदल ही आए और ऋषिपाल पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। चार गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान लाला विपिन भी गोली लगने से घायल हो गया।
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वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पैदल ही मौके से फरार हो गए। जानकारी मिलते ही भौराकलां और फुगाना थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और घायल विपिन को अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने लोगों के साथ घंटों आरोपियों की तलाश में कस्बा और आसपास के क्षेत्र को खंगाला, लेकिन आरोपियों का कुछ पता नहीं चल पाया।

देर रात एसएसपी बबलू कुमार घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। पता चला है कि चेयरमैन के भाई प्रदीप की हत्या के मामले में अदालत में जल्द ही ऋषिपाल की गवाही होनी थी। दोनों पक्षों में रंजिश का मामला सामने आया है। इस रंजिश में अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है। फिलहाल दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। घटना के खुलासे के लिए पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। 

चार दिन पहले ही हटी थी सुरक्षा
मुजफ्फरनगर। ऋषिपाल की हत्या की आशंका पीड़ित पक्ष को काफी दिनों से थी। दो साल पहले भी ऋषिपाल पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें वह गोली लगने से घायल हो गया था। हमले के बाद पुलिस ने उसे सुरक्षा के लिए एक गनर उपलब्ध करा दिया था। चुनाव के चलते तीन-चार दिन पूर्व ही एसएसपी ने सुरक्षा में तैनात जवान हो हटा लिया था। जिसके बाद ऋषिपाल को बदमाशों ने मौत की नीद सुला दिया।
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