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नकल माफिया कमर इंतखाब समेत सभी 17 आरोपियों को जेल भेजा

Mon, 25 Feb 2019 12:22 AM IST
Deepak Kausik अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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मुजफ्फरनगर में पकड़े गए नकल कराने के आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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एसटीएफ के कार्रवाई में यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल कराने में पकड़े गए 17 आरोपियों की रात थाने की हवालात में कटी। रविवार को गिरोह के सरगना कमर इंतखाब ने बोला क्या प्रधान, अब हथकड़ी भी लगेगी। थाने में मौजूद पैरोकार प्रधान ने एसओ से कहा कि पुलिस गाड़ी में ही तो जाना है, फिर हथकड़ी की क्या जरूरत है। एसओ ने कहा कि कार्रवाई नियमानुसार ही होगी। डॉक्टरी जांच के बाद पुलिस सुरक्षा में सभी आरोपियों को मेरठ कोर्ट ले जाया गया। मेरठ में रविवार को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विशेष कोर्ट में पेश किया गया. जहां से 14 दिन के लिए आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में मुजफ्फरनगर जेल भेज दिया गया।
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बोर्ड परीक्षा में ब्लॉक के गांव बाढ़ के जनता इंटर कॉलेज में 22 फरवरी को द्वितीय पाली के भौतिक विज्ञान के पेपर में एसटीएफ ने सामूहिक नकल कराते हुए केंद्र व्यवस्थापक सहित 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। शासन के निर्देश पर हुई छापे की करवाई को बेहद गोपनीय रखा गया। रविवार को हवालात में बंद डॉक्टर जाकिर हुसैन मेमोरियल इंटर कॉलेज खुड्डा के प्रबंधक कमर इंतखाब और उसके भाई अशहर नफीस उर्फ अख्तर को सबसे पहले पुलिस बाहर लाई।

जैसे ही सिपाही दोनों भाइयों को हथकड़ी लगाने लगी. तो इंतखाब ने थाने में मौजूद प्रधान की तरफ मुखातिब होकर कहा कि प्रधान जी, क्या अब हथकड़ी भी लगेगी। प्रधान ने एसओ राजीव कुमार से आग्रह किया कि पुलिस वैन में कोर्ट तक जाना है, फिर हथकड़ी की क्या जरूरत है। एसओ ने कहा कि कार्रवाई नियमानुसार होगी। नकल गिरोह के सरगना इंतखाब की बीमारी का भी हवाला दिया गया, मगर बात नहीं बनी। इंतखाब और उसके भाई अशहर नफीस उर्फ अख्तर को एक ही जंजीर से जुड़ी हथकड़ी बांध दी गई। फिर जनता इंटर कॉलेज बाढ़ के प्रधानाचार्य और केंद्र व्यवस्थापक योगेंद्रपाल सिंह को पुलिस ने हथकड़ी लगाई गई, तो वह विचलित दिखाई दिए।
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हथकड़ियां कम पड़ गई
हाथरस के मूल निवासी योगेंद्र चार साल पहले बाढ़ कॉलेज के प्रधानाचार्य बने थे। एक-एक कर सभी आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में लेने के लिए हथकड़ियां कम पड़ गई। एक एक जंजीर में तीन तीन आरोपी के हाथों को बांधा गया। बरामद नकल सामग्री और चेकबुक आदि के साथ आरोपियों को एक साथ पुलिस ने खड़ा किया तो कई ने रुमाल से मुंह छिपा लिए। आरोपियों अधिक संख्या होने की वजह से बड़ी वैन पुलिस लाइन शहर से थाने भेजी गई।

एक दरोगा सहित आठ पुलिसकर्मियों की ड्यूटी वैन पर लगाई गई। थाने के एसएसआई मनोज चाहल के नेतृत्व में आरोपियों को पुलिस वैन में बैठाया। नकल कराते पकड़े गए सॉल्वर फर्जी कक्ष निरीक्षक बने आरोपी रोने लगा। सबसे पहले आरोपियों को थाने से सीएचसी चरथावल लाया गया, जहां उनका चिकित्सीय परीक्षण किया गया। बाद में सभी आरोपियों को लेकर पुलिस मेरठ रवाना हो गई। मेरठ में रविवार को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विशेष कोर्ट में पेश किया गया. जहां से 14 दिन के लिए आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में मुजफ्फरनगर जेल भेज दिया गया।

12 कमरों में होगी परीक्षा, 31 कक्ष निरीक्षक होंगे तैनात
 चरथावल। जनता इंटर कॉलेज बाढ़ में सोमवार को द्वितीय पाली में इंटरमीडिएट गणित का पेपर होगा। नए केंद्र व्यवस्थापक डाक्टर हरनाम सिंह लोधी ने बताया कि संस्था के 12 कमरों में परीक्षा होगी। सीसीटीव कैमरे दुरुस्त कर दिए गए है। परीक्षा ड्यूटी में लगे पुराने स्टाफ में से 7 को छोड़कर शेष को हटा दिया गया है। 31 शिक्षकों की जरुरत है। फिलहाल 8 शिक्षक की कमी है, जिसके लिए बीएसए और डीआईओएस को लिखा गया है।

अवैध शस्त्र में मुजफ्फरनगर कोर्ट में भी किया पेश
चरथावल। सामूहिक नकल कराने के आरोपी कमर इंतखाब से अवैध शस्त्र बरामदगी की वजह से उन्हें और उनके भाई असर नफीस उर्फ अख्तर को मुजफ्फरनगर कोर्ट में भी पेश किया गया। एसटीएफ ने इंतखाब से अवैध पिस्टल 0.32 बोर और उसके भाई अख्तर से लाइसेंसी पिस्टल 38 बोर बरामद किया था। इन दोनों के खिलाफ अलग से एक मुकदमा अपराध संख्या 70 के अंतर्गत धारा 25,27 और 30 आयुध अधिनियम का दर्ज हुआ है।

मेरठ से भ्रष्टाचार निवारण के विशेष न्यायालय कोर्ट से रिमांड के बाद दोनों का रिमांड रविवार शाम को मुजफ्फरनगर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के यहां से पुलिस ने कराया है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ठाकुर दुष्यंत सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया है। दोनों मामलों में अगली सुनवाई आठ मार्च को नियत की गई है।

11 विभिन्न धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
चरथावल। एसटीएफ की कार्रवाई के बाद चरथावल थाने में 17 आरोपियों के खिलाफ डीआईओएस प्रवीण मिश्रा की ओर से सामूहिक नकल कराने की एफआईआर दर्ज कराई गई है। आरोपियों पर अलग-अलग अपराध में 11 धाराएं लगाई गई हैं। अपराध संख्या 69 के तहत नौ पेज की चिप रिपोर्ट तैयार की गई। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 तथा उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 1998 की धारा 3, 5, 7, 9,10 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 8 और 9 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
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