मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के अजीम की हत्या में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर मेरठ पुलिस ने शनिवार को खुलासा कर दिया। सदर बाजार मेरठ पुलिस का दावा कि एक आरोपी की बहन पर अजीम बुरी नजर रखता था। जिसके चलते उसे अजीम की हत्या करनी पड़ी। जबकि मुजफ्फरनगर पुलिस का दावा कि 40 हजार के लेनदेन को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था।
एसएसपी नितिन तिवारी के मुताबिक एसओ सदर बाजार विजय कुमार गुप्ता पुलिस टीम के साथ शुक्रवार देर रात कैंट रेलवे स्टेशन के पास चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने स्विफ्ट कार पकड़ी, जिसमें सवार दो युवक शिवम निवासी कांशीराम आवास विकास कॉलोनी और आरव राजपूत हाजीपुर माजरा जानसठ, मुजफ्फरनगर को पकड़ा। पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्होंने पड़ोसी अजीम पुत्र नईम की हत्या कर दी।
अजीम का परिवार मूलरूप से मोहल्ला खालापार निवासी है, लेकिन कई साल से कांशीराम कॉलोनी में रह रहा था। अजीम कार बुकिंग पर चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता था। एसएसपी के मुताबिक आरोपी शिवम ने बताया कि अजीम उसकी बहन पर गलत नियत रखता था।
कई बार अजीम ने उसकी बहन के साथ छेड़खानी की थी। जिसके चलते उसने अपने दोस्त अरव राजपूत के साथ मिलकर उसकी हत्या की। हत्या कर अजीम का शव शामली के गढ़ीपुख्ता थाने के भैंसवाल गांव के जंगल में फेंका था।
मुजफ्फरनगर ने इंकार किया, शामली में रिपोर्ट
हत्या के मामले में मुजफ्फरनगर पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है। परिजनों ने गढ़ीपुख्ता थाने पर दर्ज कराई। अजीम के मामा शहजाद ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि जब अजीम देर रात तक घर नहीं पहुंचा तो वह अन्य लोगों के साथ थाना सिविल लाइन मुजफ्फरनगर में रिपोर्ट लिखवाने के लिए गए, तो वहां पर प्रभारी निरीक्षक मिले। उन्होंने पूरी बात बताते हुए रिपोर्ट लिखने के लिए कहा। आरोप है कि प्रभारी निरीक्षक ने रिपोर्ट लिखने से मना कर दिया और उन्हें थाने से भगा दिया।
परिवार पर टूटा गम का पहाड़
कांशीराम कॉलोनी निवासी अजीम के पिता नईम की करीब दो साल पूर्व मौत हो चुकी है। उसके परिवार में अब बुजुर्ग मां और छोटी चार बहनें ही हैं, जिनके पालन-पोषण का जिम्मा अजीम के ही कंधों पर था। अजीम की उसी के दोस्त द्वारा हत्या किए जाने के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। इकलौते बेटे की हत्या से जहां उसकी मां का रोरोकर बुरा हाल है। वह बार बार बेसुध हो जा रही है। वहीं उसकी चारों बहनें अपने भाई की हत्या से काफी सदमे में हैं।
40 हजार के लेनदेन का विवाद बताया
अजीम के परिजनों के अनुसार उसने कांशीराम कॉलोनी के ही शिवम को कुछ समय पूर्व अपनी कार गिरवी रखकर 40 हजार रुपये उधार दिलाए थे। कुछ दिन से वह शिवम से उक्त रुपयों का तकादा कर रहा था, जिसे देने में शिवम द्वारा टालमटोल की जा रही थी। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे शिवम अपने दोस्त आरव राजपूत के साथ अजीम के घर पहुंचा और उसे कार सहित लेकर चला गया। इसके बाद देर रात मेरठ पुलिस ने शिवम व आरव राजपूत को अजीम की खून सनी कार के साथ पकड़ा, जिनसे पूछताछ के बाद अजीम की हत्या कर लाश को शामली में फेंका था। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार शाम अजीम की लाश मोहल्ला खालापार स्थित उसके पैतृक आवास पर ले जाई गई, जहां से उसे गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।