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मुकदमे की रंजिश में हुई थी हत्या

Sat, 16 Jan 2016 12:22 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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खतौली। भैंसी गांव में रंजिशन सुभाष की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक के भाई ने महिला सहित छह लोगों को नामजद कराया है।
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पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कराया। घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

बृहस्पतिवार रात करीब 9.30 बजे गांव भैंसी निवासी सुभाष पुत्र रणबीर और उसके साथी अशोक पुत्र शीशपाल पर बाइक सवार तीन हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर दी थीं।

सीने में सात गोली लगने से सुभाष की मौत हो गई थी, जबकि अशोक बाजू में गोली लगने से घायल हो गया था। पुलिस ने रात में ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। इंस्पेक्टर संजीव शर्मा का कहना है कि सुभाष की मुकदमेबाजी की रंजिश में गोली मारकर हत्या की गई है।
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पुलिस ने घायल अशोक के भाई अमित की ओर से महिला रमलेश, मोनू, संजू, राहुल सहित छह लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। शुक्रवार को तीन बजे पोस्टमार्टम के बाद शव गांव में पहुंचा। शव को देखकर परिवार में कोहराम मच गया।

सीओ जोगेंद्र लाल, इंस्पेक्टर संजीव शर्मा पुलिस बल के साथ गांव में पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में परिजनों ने गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया। गांव में मुकदमेबाजी की रंजिश में सुभाष की हत्या को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ है।

गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सीओ भी कैंप किए हुए है। पुलिस अभी तक नामजद हत्यारोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

मृतक सुभाष जानसठ थाने का हिस्ट्रीशीटर था
इंस्पेक्टर संजीव शर्मा ने बताया कि मृतक सुभाष थाना जानसठ का हिस्ट्रीशीटर बदमाश था। खतौली थाने में मृतक के खिलाफ हत्या और अपहरण के चार मुकदमे दर्ज हैं।

एक अपहरण का मुकदमा जानसठ थाने में दर्ज है। इंस्पेक्टर ने बताया कि घायल अशोक पर भी हत्या सहित 13 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

हत्यारोपी महिला के बेटे की हत्या में जेल गए थे
खतौली। इंस्पेक्टर संजीव शर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष हत्यारोपी महिला रमलेश के पुत्र अश्वनी को मृतक सुभाष व घायल अशोक ने रात को मकान में घुसने पर मारपीट कर घायल करके पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस ने उस वक्त अश्वनी को जेल भेज दिया था।

अगले दिन जेल में अश्वनी की हालत बिगड़ने पर मेरठ अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मृतक अश्वनी की मां ने सुभाष व अशोक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
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पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मृतक व घायल दोनों जमानत पर जेल से छूटकर आए थे। इंस्पेक्टर का कहना है कि हत्या के इसी मुकदमेबाजी की रंजिश में सुभाष की हत्या की गई है।
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