नाबालिग छात्रा को अगवा कर दुष्कर्म करने वाले शिक्षक को कोर्ट ने दस साल के कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार नई मंडी कोतवाली पर क्षेत्र के गांव निवासी पीडिता के पिता ने 7 दिसंबर 2007 को मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी नाबालिग बेटी एक स्कूल में पढ़ने के लिए जाती थी। वहां पर तिगरी निवासी आरोपी शिक्षक सोमपाल पढ़ाता था।
5 दिसंबर 2007 को बेटी स्कूल गई थी। मगर लौटकर नहीं आई। तलाश किया तो पता चला कि उसकी पुत्री को आरोपी शिक्षक सोमपाल के साथ जाते हुए देखा था। सोमपाल इस छात्रा को घर पर भी पढ़ाने आता था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को पकड़कर पीड़िता को बरामद किया। पीड़िता के कोर्ट में बयान कराए। उसने आरोपी को अगवा कर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया।
मुकदमे की सुनवाई एडीजे पूनम राजपूत की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या 2 में हुई। मुकदमा सिद्ध करने के लिए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रीतू चौधरी ने 7 गवाह और सबूत कोर्ट में पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए सोमपाल को अपहरण एवं दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए धारा 363 के तहत पांच वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना, धारा 366 के तहत सात वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपये रुपये जुर्माने, धारा 376 के तहत 10 वर्ष का कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।