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कई बार बिगड़ने से बाल-बाल बचा है माहौल 

Wed, 21 Sep 2016 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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जिले में छेड़छाड़ की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। आरोपी या पीड़िता अलग-अलग समुदाय से हों तो मामले के सांप्रदायिक रूप लेने में देर नहीं लगती। छेड़छाड़ के कारण जिले में तीन वर्ष पूर्व दंगा हुआ था। दो समुदाय के मामले होने पर पुलिस घटना को दबाने का प्रयास करती है। जिले में पिछले दिनों कई मामले ऐसे आए, जिनमें युवती के परिजनों ने आरोपियों को घर बुलाकर उनकी हत्या कर दी। 
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जिले में छेड़छाड़ की घटनाएं अक्सर बड़ा रूप लेती रही हैं। शोहदे कालेज जाने वाली, बसों में सफर करने वाली छात्राओं से छेड़छाड़ करने से बाज नहीं आते। वर्ष 2013 में छेड़छाड़ की घटना को लेकर शुरू हुए दंगे में 65 से अधिक लोगों की जान जाने के बाद भी इस तरह की घटनाओं पर कोई अंकुश नहीं लग पाया है। चरथावल के हैबतपुर में बस में बैठी छात्रा से छेड़छाड़ करने पर जमकर बवाल हुआ था।

शहर कोतवाली के नया बांस में दूसरे समुदाय के युवक ने स्कूल जाती छात्रा का हाथ पकड़ा तो मोहल्ले में मारपीट और पथराव हो गया। पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। 24 घंटे तक शहर में तनावपूर्ण माहौल रहा। नावल्टी चौक से घर लौट रही छात्रा से दूसरे समुदाय के युवक ने छेड़छाड़ की तो हंगामा खड़ा हो गया। सपा और हिंदू संगठनों के नेता शहर कोतवाली में आमने-सामने आ गए। तितावी के जसोई, शहर कोतवाली के वहलना और जानसठ के कवाल में छेड़छाड़ से परेशान युवती के परिजनों ने आरोपी युवकों को घर बुलाकर उनकी हत्या कर दी थी।
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यह मामले दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। छह माह में दर्जन भर घटनाएं जिले में ऐसी रहीं, जिनमें सांप्रदायिक तनाव हुआ, लेकिन पुलिस ने किसी तरह माहौल को बिगड़ने से बचा लिया। छेड़छाड़ की जिन घटनाओं में पुलिस को हंगामा होता दिखाई देता है, उन्हें पुलिस तुरंत दर्ज कर लेती है, बाकी छिटपुट घटनाओं में पीड़ित पक्ष की तहरीर पर आरोपी को हल्की-फुल्की धाराओं में जेल भेज दिया जाता है। पिछले दिनों मंसूरपुर के लछेड़ा में छेड़छाड़ से परेशान किशोरी ने खुद को जलाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में जेल गए दोनों आरोपियों पर बाद में आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला भी दर्ज किया गया। 

पुलिस के भी इंतजाम
शहर में करीब 12 चीता मोबाइल घूमती हैं, जिनको सबसे ज्यादा स्कूल और कॉलेजों की छुट्टी के दौरान छेड़छाड़ की घटनाओं पर ध्यान देने के लिए लगाया गया है। एक सप्ताह पूर्व संप्रदाय विशेष के युवक ने भोपा रोड स्थित कालेज के बाहर जबरदस्ती छात्रा के बैग में अपने नाम की पर्ची डाल दी थी। छात्रा के हंगामा काटने के बाद चीता पहुंची तो आरोपी युवक मौके से भाग गया और आज तक नहीं मिला। एसएसपी ने महिला पुलिसकर्मियों को स्कूलों और बाजार आदि में छेड़छाड़ करने वालों की तलाश में लगाया था, लेकिन आज तक एक भी आरोपी को महिला पुलिसकर्मी नहीं पकड़ सकी है। 

सादी वर्दी में तैनात हैं महिला पुलिसकर्मी
छेड़छाड़ की घटनाओं पर एसएसपी दीपक कुमार का कहना है कि पुलिस इस बारे में कड़े कदम उठा रही है। शहर के कोचिंग सेंटरों के संचालकों को बुलवाकर उनसे ट्यूशन पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के आईकार्ड बनवाने की व्यवस्था की गई है। जिससे सेंटर के आसपास टहलने वालों पर अंकुश लगाया जा सके। 20 स्कूटियों पर सवार महिला पुलिसकर्मियों को शहर में छेड़छाड़ की वारदातों को रोकने के लिए लगाया गया है।

ये पुलिसकर्मी शहर में स्कूलों की छुट्टी के दौरान ड्यूटी दे रही हैं। इसके अलावा सुबह चार से सात बजे महिलाओं की घूमने वाली जगहों जैसे पार्कों, पुल और सड़कों पर सादी वर्दी में महिला पुलिस तैनात की गई है। सोशल मीडिया पर भी महिलाओं के प्रति कमेंट करने वाले या अन्य कारगुजारी करने वालों पर पुलिस की एक टीम हर वक्त नजर रख रही है। कप्तान ने कहा कि छेड़छाड़ सामाजिक अभिशाप है। इस पर रोक लगाने के लिए समाज के लोगों को भी आगे आना चाहिए। 
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