शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव ढिंढ़ावली में दलित समाज के दो पक्षों के बीच हुए झगड़े की सूचना पर गांव पहुंची पुलिस पर एक पक्ष ने हमला कर दिया। हमले में एसएसआई, एक कांस्टेबल और दो होमगार्ड सहित चार पुलिस कर्मी घायल हो गए। हमलावरों ने एसएसआई, सिपाही से पिस्टल और होमगार्ड से राइफल लूट ली।
घायल पुलिसकर्मियों को कस्बे के निजी चिकित्सक के यहां ले जाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घटना की सूचना पर कई थानों की फोर्स और आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। तलाशी के दौरान गांव के रविदास मंदिर में पड़ी पराली से लूटी गई राइफल मिल गई।
शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव ढिंढ़ावली में रविदास मंदिर के पास रहने वाले दलित समाज के बाबूराम व हरपाल पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद चला आ रहा था। जिसमें 15 दिन पहले झगड़ा हुआ था। जिसकी बाबूराम पक्ष ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रविवार शाम शाहपुर थाने के एसएसआई केपी सिंह, कांस्टेबल आदेश, होमगार्ड चंद्रपाल और होमगार्ड गौतम राणा के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस कर्मी दोनों पक्षों को बुलाकर समझाकर वापस चल गए। कुछ ही समय बाद गांव में झगड़े में मर्डर की सूचना मिली तो पुलिस रास्ते में से ही वापस दौड़ पड़ी। पुलिस के पहुंचने से पहले बाबूराम पक्ष ने महावीर को पिटाई कर दी थी।
पुलिस के पहुंचते ही अचानक बाबूराम पक्ष ने एकजुट होकर लाठी-डंडों से पुलिस पार्टी पर हमला कर दिया। हमले के दौरान हमलावरों ने एसएसआई केपी सिंह से पिस्टल, आदेश कांस्टेबल से पिस्टल तथा होमगार्ड चंद्रपाल से रायफल छीन ली। हमले में चारों पुलिस कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।
आसपास के लोगों ने बड़ी मुश्किल पुलिस कर्मियों को बचाया। सूचना पर शाहपुर एसओ सुभाषचंद्र राठौर मौके पर पहुंचे और आलाधिकारियों को जानकारी दी। सूचना मिलते ही एसपी देहात विनीत भटनागर कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और हमलावरों की तलाश की, लेकिन हमलावर घर बंद कर फरार हो गए।
इस बीच देर शाम घटनास्थल के पास स्थित रविदास मंदिर में पड़ी धान की पुराल के नीचे से रायफल बरामद हो गई। देर रात तक हमलावरों और अन्य असलहे की तलाश की जा रही थी। डीएम डीके सिंह और एसएसपी बबलू कुमार ने भी गांव पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस को हमलावरों की गिरफ्तारी और लूटे गए सरकारी असलाह बरामद करने के आदेश दिए।
उधर, गंभीर हालत में पुलिसकर्मियों को पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर एसएसपी बबलू कुुमार ने पुलिस कर्मियों का हाल जाना और जानकारी ली। बाद में घायलों को शहर के इवान हास्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां पर उनका उपचार चल रहा है। देर रात तक रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी चल रही थी।
15 दिनों से चला आ रहा है दोनों पक्षों में विवाद
शाहपुर। गांव ढिंढ़ावली में बाबूराम और हरपाल दोनों कोल्हू चलाते हैं। गांव का एक मजदूर हरपाल के कोल्हू से बाबूराम के कोल्हू पर चला गया था। मजदूर पर हरपाल के पैसे बकाया चले आ रहे थे। जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच तनातनी चली आ रही है। इसी को लेकर दोनों पक्षों में 15 दिन पूर्व भी मारपीट हुई थी।
उस समय तो दोनों पक्षों में फैसला हो गया था, परंतु तनाव चला आ रहा था। बाद में बाबूराम पक्ष ने तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। इसी मामले को लेकर रविवार देर शाम पुलिस गांव में गई थी। बातचीत करने के बाद पुलिस गांव से निकल गई थी। पुलिस के निकलते ही बाबूराम पक्ष के लोगों ने हरपाल पक्ष के गोविंद पर हमला बोल घायल कर दिया। सूचना पर पुलिस फिर से गांव पहुंची, तो बाबूराम पक्ष ने अचानक पुलिस कर्मियों को घेर कर हमला कर दिया और सरकारी असलाह लूटकर फरार हो गए।
हमले में 13 आरोपी गिरफ्तार किए
मुजफ्फरनगर। शाहपुर के ढिंढावली गांव में पुलिस पर हमला करने के मामले में पुलिस ने देर रात को 13 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था, बाकी की तलाश जारी थी।
कड़ी कार्रवाई की जाएगी
ढिंढावली गांव में दोनों पक्ष दलित हैं। जिनके बीच कुछ समय से विवाद चल रहा है। पुलिस शांति व्यवस्था के लिए गांव गई थी, तभी पुलिस पर हमला किया गया। हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है, अभी तक 13 लोग पकड़े गए हैं, बाकी की तलाश जारी है। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। - बबलू कुमार, एसएसपी