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होटल वाले ने पुलिस का ईमान खरीद लिया

Mon, 07 Nov 2016 12:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
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Police believe that the hotel bought - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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जंक्शन के ऑकेजन होटल में नशे में लड़की के हंगामा करने का मामला पुलिस दबाने में जुट गई थी। शनिवार की दोपहर जंक्शन चौकी इंचार्ज ने साठगांठ करके घटनास्थल ही बदल दिया। लड़की और लड़कों की होटल के बाहर से गिरफ्तारी दिखाकर सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकतें करने के आरोप में मुकदमा लिखा। रविवार को जब मीडिया वालों इस बाबत पूछताछ की तो फंसने के डर से विवेचक ने मुकदमे में आईपीसी की धारा 427 बढ़ा दी। लड़की के बयान के आधार पर छेड़छाड़ की धारा की भी बढ़ोत्तरी करके होटल मालिक को भी मुल्जिम बना लिया और गिरफ्तारी अंदर से दिखा दी।
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शनिवार को कोतवाली की जंक्शन चौकी इंचार्ज गिरीश चंद्र जोशी और चर्चित सिपाही विकास यादव की तरफ से लड़की और कस्बा फतेहगंज पूर्वी के मोहल्ला कस्सावान निवासी मुनीश पाठक की होटल के बाहर से गिरफ्तारी दिखाई गई। चौकी इंचार्ज के मुताबिक अपराध की रोकथाम को क्षेत्र में थे। इस दौरान सूचना मिली कि अकेजन होटल के सामने कुछ लड़के और लड़की अश्लील बातें कर रहे हैं। जिसके कारण आने-जाने वालों को परेशानी हो रही है। उन्होंने फोन करके कोतवाली से महिला सिपाही बुला लीं। उन्होंने मुखबिर की सूचना पर एक लड़की और मुनीश को पकड़ लिया। मुनीश के साथ रवि कुमार शर्मा पुत्र सुखलाल, राहुल पुत्र राज किशोर निवासी शांति विहार, सुभाषनगर और फतेहगंज पूर्वी का शान बेग भी था। मुनीश के बाकी तीनों दोस्त भाग गए। जबकि सच्चाई यह थी कि शान बेग और मुनीश ने लड़की को बुलाया था। वह चाय पिलाने के बहाने से लड़की को होटल में ले गए। इसके बाद उन्होंने दो और दोस्तों को बुला लिया। लड़की को होटल के कमरा नंबर 107 में शराब पिलाई गई। इसके बाद चारों उसके साथ छेड़छाड़ करने लगे। लड़की ने शोर मचाती हुई दोपहर करीब साढ़े तीन बजे होटल में हंगामा करने लगी। उसने कमरे में मामूली  तोड़फोड़ भी की। इस बीच लड़के मौका पाकर होटल से भाग गए। मुनीश होटल के बाहर खड़ी अपनी बैगनआर कार के साथ पकड़ा गया। रविवार को होटल के सामने से लड़की और मुनीश की गिरफ्तारी दिखाए जाने के बाद मीडिया को पता लगी तो कोतवाली पुलिस की फजीहत हो गई। व्हाट्सएप ग्रुपों पर सवाल किए जाने लगे। बात अधिकारियों तक पहुंचने पर पूछताछ शुरू हो गई। यह पता लगाने की कोशिश होने लगी कि किस अधिकारी के इशारे पर होटल मालिक को बचाने का खेल हुआ। आला अधिकारियों के लताड़ने के बाद विवेचक पीडी रत्नाकर होटल पहुंचे। उन्होंने लड़की के बयान और होटल में तोड़फोड़ करने की बात कहते हुए धाराएं बढ़ा दीं। विवेचक ने बताया कि घटना होटल के कमरे में हुई है। होटल मालिक का नाम पता नहीं लग पाया है। इसलिए हमने होटल मालिक को मुल्जिम बना दिया है। मामले की छानबीन की जा रही है। इसके अलावा जो तथ्य सामने आएंगे, उसके हिसाब के आगे की कार्रवाई होगी। 

सिपाही-दरोगा तो मौके पर भी नहीं गए
जिस चौकी इंचार्ज ने मुनीश और लड़की की गिरफ्तारी होटल के सामने से दिखाई थी। वह तो लड़की के हंगामा करने के बाद होटल तक में नहीं गए। उन्हें तो अधिकारियों ने किसी विशेष मिशन में लगा रखा था। मीडिया के लोगों ने चौकी इंचार्ज को फोन किया तो उनका जवाब भी यही था। मैं बाहर हूं। इसका रिकार्ड भी कई लोगों के  पास है। घटना के समय की जानकारी मीडिया कर्मियों के कैमरों से हो सकती है। आने-जाने वाले भी घटना के तमाम गवाह है।           
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