एफटीसी प्रथम ने मंदिर की पुजारिन से बलात्कार का प्रयास करने वाले युवक को दो साल के कारावास के साथ एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। सजा पाने वाला तभी से जेल में बंद है।
दो साल पहले थाना तितावी पर क्षेत्र के एक गांव के मंदिर की पुजारिन ने दुष्कर्म के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था। वह 1 जून 2014 की सुबह जब अपनी कुटिया से बाहर आई तो तभी बबलू पुत्र ओमेंन्टो निवासी पश्चिम बंगाल ने, जो गाँव के एक किसान के यहां नौकर, उसकेे साथ बलात्कार का प्रयास किया था।
यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश भारद्वाज की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या प्रथम में सुना गया। जिसमें सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता इलाम ईलाही त्यागी ने मुकदमा सिद्ध करने के लिए गवाहों के साथ दलील और सुबूत पेश किए।
विद्वान न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद गवाहो के बयानात पर गौर करते हुए अभियुक्त बबलू को बलात्कार का प्रयास करने का दोषी करार देते हुए धारा 376 /511 के तहत दो वर्ष का कारावास व एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। बबलू की जमानत नहीं हो पाई थी। इस कारण वह जेल से पेशी पर आया था।