हरदोई। फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश रामकरन ने सोमवार को बालक की बलि देने के मामले में मां-बेटे और तांत्रिक को उम्रकैद के साथ चालीस-चालीस हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। माधौगंज थाना क्षेत्र के रुदामऊ निवासी बनवारी लाल का आठ वर्षीय पुत्र मुकेश सात मार्च 2015 को शाम पांच बजे के बाद लापता हो गया था।
बनवारी ने खोजबीन की लेकिन कुछ पता नहीं चला। गांव के लोगों ने बताया कि गांव के ही रामऔतार के साथ मुकेश को देखा गया था। अगले दिन मुकेश की लाश सुरेश के खेत में पड़ी मिली। बनवारी ने रामऔतार व उसकी मां रामदुलारी के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। विवेचना के दौरान पुलिस के सामने यह तथ्य आया कि आरोपी रामऔतार की शादी नहीं हो रही थी उसने कोतवाली शहर के भदैचा गांव के तांत्रिक मदन पाल के कहने पर अपनी मां रामदुलारी के साथ मिलकर बालक की बलि देने की नियत से हत्या कर दी।
पुलिस ने तीनों के विरुद्ध आरोप पत्र प्रेषित किया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश कुमार अग्निहोत्री ने की। अदालत ने तीनों को हत्या के अपराध में उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने ये भी आदेश दिया की अर्थदंड की जमा होने वाली धनराशि में से एक लाख रुपये मुकेश के पिता बनवारी को दिए जाएं।
जबरन जहर पिलाने में सात साल की कैद
हरदोई। अपर जिला जज हरवीर सिंह ने जबरन जहर पिलाने के मामले में सात साल की कैद और पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे सरकारी वकील राकेश बाजपेई के अनुसार शाहाबाद थाना क्षेत्र के हुसैनपुर निवासी अजय कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 6 जुलाई 2014 को दिन के 11 बजे हरियाली बाजार से गैस सिलेंडर लेकर वापस अपने गांव जा रहा था। रास्ते में उधरनपुर के पास शाहजहांपुर जिले के हसनपुर निवासी राधेश्याम ने दो अज्ञात लोगों के साथ मिलकर उसे घेर लिया और पुरानी रंजिश में जबरदस्ती जहर पिला कर भाग गए। अजय किसी तरह अपने घर पहुंचा और घर वालों के सहयोग से थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।