जेल की बैरक से बंदियों की सोशल मीडिया पर वायरल हुई सेल्फी जिला कारागार में ही ली गई थी। जेल अधीक्षक और सीओ नई मंडी की जांच में इसकी पुष्टि हो गई है। एसएसपी ने डीजीपी को जांच आख्या भेजी है। मामले में बंदी रक्षकों पर भी गाज गिर सकती है। जेल प्रशासन ने इसकी जांच प्रारंभ कर दी है। उधर, रविवार को भी जेल की बैरकों में तलाशी अभियान चलाया गया।
जेल की बैरक से वायरल हुई बंदियों की सेल्फी के बाद लखनऊ तक हड़कंप मचा गया था। आनन फानन में एसएसपी अनंत देव ने जेल अधीक्षक अरुण कुमार सक्सेना और सीओ नई मंडी योगेंद्र सिंह को इस मामले की जांच के आदेश दिए। जांच में यह पुष्टि हो गई है कि कारागार की बैरक नंबर 16-ए से ही सेल्फी फेसबुक पर अपलोड की गई थी, जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया था।
जेल में सघन अभियान के बाद जेल प्रशासन ने प्रयोग किया गया एंड्रॉयड फोन भी बरामद कर लिया था। एसएसपी ने तत्काल पूरे मामले की जांच आख्या रिपोर्ट डीजीपी ओपी सिंह को भेज दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दस मार्च को जनपद के ट्यूटर एकाउंट पर जिला कारागार के तीन बंदियों द्वारा अपनी फोटो फेसबुक पर अपलोड करने की सूचना प्राप्त हुई थी। जांच में सूचना सत्य पाई गई है।
जेल अधीक्षक की ओर से सेल्फी में पहचाने गए तीन बंदियों सचिन पुत्र सहंसरपाल निवासी सियागंज शामली, विजय मलिक पुत्र नरेश मलिक निवासी काजीखेड़ा थाना तितावी तथा मोहित पुत्र अंग्रेज निवासी सिखेड़ा मुजफ्फरनगर के विरुद्ध धारा 42- कारागार अधिनियम के तहत नई मंडी कोतवाली पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। जेल में बैरक संख्या 16ए तथा 13ए की तलाशी कराई गई थी।
बंदियों से सख्ती से पूछताछ की गई तो बंदी विजय मलिक ने बताया कि 28 फरवरी को जेल से रिहा हुए नंदू नामक युवक ने बैरक के पीछे स्थित मैनहॉल के बाहर की ओर से जीओ का मोबाइल जेल में फेंका था। आरोपी ने फेसबुक पर अपलोड करने की बात की स्वीकार कर ली है। डीजीपी को जांच रिपोर्ट भेजे जाने से जेल प्रशासन के चेहरे पर हवाईयां है, क्योंकि कुछ बंदी रक्षकों पर जांच में लापरवाही बरतने पर गाज गिर सकती है। रविवार को भी जेल में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।
मिट्टी में दबा मिला मोबाइल, सिम गायब
मुजफ्फरनगर। चेकिंग अभियान के दौरान जिस फोन से सेल्फी ली गई, वह पॉलीथिन में छिपा कर गटर के पास मिट्टी में दबाया गया था। आरोपी विजय की निशानदेही पर एक कैमरे वाला जीओ 4जी मोबाइल फोन मिला, जिसमें सिम नहीं था। आरोपी का कहना है कि सिम को तोड़ कर फेंक दिया था। पुलिस अब नंदू की तलाश में है, जिसने जेल में विजय तक मोबाइल पहुंचाया था।