किसी हत्या या लूट की संगीन वारदात को अंजाम देने के लिए अपराधियों को पिस्टल खरीदने की भी जरूरत नहीं है, ऐसे असलहे किराए पर भी उपलब्ध होते हैं। गुरुवार को तस्करों के एक गैंग के पकड़ में आने के बाद अपराधियों के इस नए ट्रेंड का खुलासा हुआ है। तस्करों का यह गैंग अपराधियों को दो से पांच हजार रुपये में किराए पर पिस्टल दे देता था। पुलिस अब यह पता करने में जुटी है कि गैंग ने किस-किस वारदात में अपराधियों को किराए की पिस्टल उपलब्ध कराई थीं।
एसएसपी दीपक कुमार ने पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता के दौरान पकड़े गए असलाह तस्करों के बारे में जानकारी दी। कप्तान ने बताया कि कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस लगातार गश्त और संघन चेकिंग अभियान चला रही है। नईमंडी पुलिस को सूचना मिली थी कि अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोह के कुछ सदस्य एटूजेड कालोनी की ओर से आ रहे हैं। जिस पर नईमंडी कोतवाली प्रभारी रोजंत त्यागी ने पुलिस टीम के साथ मौके पर जाकर घेराबंदी की।
इसी दौरान वहां से गुजर रहे तीन लोगों की तलाशी लेने पर उनके पास से सात पिस्टल और मैगजीन बरामद हुईं। कोतवाली लाकर पूछताछ में इन तस्करों ने अपने नाम शोएब पुत्र अशफाक निवासी मौहल्ला चैनपुरा बहसूमा मेरठ, खालापार निवासी शहजाद पुत्र अब्दुल रहमान और खालिद पुत्र यासीन निवासी गूलरवाली गली खालापार बताए। पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि वह मुंगेर आदि से पिस्टलों की तस्करी करते हैं, जिन्हें मेरठ, मुजफ्फरनगर आदि जिलों में बेेचा जाता था। बरामद हुए असलहों में .32 बोर के तीन और 7.65 बोर के चार पिस्टल शामिल हैं।
सभी में पूरी मैगजीन थी और अलग से भी इन बोर के कारतूस की मैगजीन मिली है। पुलिस उस समय चौंक गई जब तस्करों ने बताया कि वह अपराधियों को किराए पर भी हथियार उपलब्ध कराते हैं। कुछ अपराधी उनसे दो और पांच हजार रुपये किराया देकर हथियार ले जाते थे और वारदात को अंजाम देकर वापस लौटा जाते थे। हालांकि उन्होंने ऐसे कई अपराधियों के नाम लिए हैं, जिन्हें उन्होंने पिस्टल किराए पर दी थीं। पुलिस ने फिलहाल इनके नामों का खुलासा नहीं किया है। एसएसपी का कहना है कि तस्करों से अभी रिमांड पर और गहनता से पूछताछ की जाएगी। जिन लोगों ने किराए पर हथियार लिए हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
दस से 50 हजार में बेचते हैं पिस्टल
मुजफ्फरनगर। एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए तस्करों ने बताया कि वह 10 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक पिस्टल बेचते थे।
मास्टरमाइंड और अन्य बदमाशों की तलाश
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि इस गिरोह के तार उत्तराखंड के हरिद्वार और मेरठ से भी जुड़े हैं। अवैध असलहों की तस्करी करने वाला मास्टरमाइंड कोई और है और गिरोह में कई सदस्य हैं, जो चेन टू चेन एक दूसरे से जुड़े। असलहे की डिमांड आने पर ये किसी अन्य को फोन पर पिस्टलों की मांग करते थे, फोन सुनने वाला किसी अन्य को फोन कर पिस्टल उपलब्ध कराता था। कप्तान ने बताया कि पूरे गिरोह को पकड़ने के लिए एक टीम का गठन किया गया है। इन बदमाशों को रिमांड पर लेकर फिर से गहन पूछताछ की जाएगी। ये किस-किस के संपर्क में रहे और इन्होंने यहां किस-किस को पिस्टल बेचे हैं, तमाम जानकारी हासिल करके सभी लोगों को पकड़कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।
सिपाही को पुरस्कृत किया
एसएसपी ने पिस्टल तस्करों को पकड़ने में अहम भूमिका निभाने वाले कांस्टेबल अमित कुमार तेवतिया को एक हजार रुपये देकर पुरस्कृत किया। आईजी से भी उसे पुरस्कृत कराने की घोषणा की गई। टीम में नई मंडी कोतवाल रोजंत त्यागी और उप निरीक्षक सतेंद्र सिंह, अशोक खारी, सुनील कुमार, मोहित त्यागी, लालजी, नितिन कुमार शामिल रहे।
हाईवे पर लूट करने वाले दो दबोचे
खतौली पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान हाईवे पर लूटपाट करने वाले गिरोह के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया। इनके पास से लूटी गई हिंदुस्तान लीवर की 11 लाख रुपये माल से भरी आयशर कैंटर समेत कार और अवैध तमंचे बरामद हुए। इस दौरान इनके दो साथी फरार हो गए।
एसएसपी दीपक कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि खतौली इंस्पेक्टर पंकज त्यागी बृहस्पतिवार देर शाम सफेदा बाईपास मोड़ पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे, तभी वहां वैगनवार और आयशर कैंटर सवार चार बदमाश आए। पुलिस ने वाहन चेकिंग के लिए उन्हें रोका तो बदमाश वाहनों से कूदकर पुलिस पर फायरिंग करते हुए भाग खड़े हुए। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दो बदमाशों को पकड़ लिया, जबकि उनके दो साथी फरार हो गए।
पकड़े गए बदमाश जलालुद्दीन पुत्र निवाज अली निवासी गांव डूहरी पिलखुवा हापुड़ तथा कौशल पुत्र देशराज निवसी वेहिंगवाड़ा बीबीनगर, बुलंदशहर से दो तमंचे और चाकू बरामद हुए। इसके पास से कैंटर, वैगनआर कार और कास्मेटिक माल से भरी एक कैंटर बरामद हुई। हिंदुस्तान लीवर कंपनी के 11 लाख के माल से भरी इस कैंटर को बदमाशों ने दो दिन पहले ही हाईवे से लूटा था। पूछताछ करने पर इन बदमाशों ने बताया कि वे हाइवे पर वाहनों से लूटपाट करते थे।
वैगनआर कार और कैंटर से वाहनों को ओवरटेक कर रोक कर लूटपाट करते थे। इन बदमाशों ने हरिद्वार में गैस सिलेंडर से भरा ट्रक लूटने, गाजियाबाद में पेंट्स से भरा ट्रक लूटने, बरेली में चीनी से भरा ट्रक लूटने और मंसूरपुर में हाईवे पर शैम्पू से भरा ट्रक लूटने की वारदात करना स्वीकार किया है। कप्तान ने बताया कि पुलिस टीम में शामिल इंस्पेक्टर पंकज त्यागी, दरोगा जितेंद्र कुमार, समयपाल सिंह अत्री, मीरहसन, क्षितिज कुमार, कांस्टेबल जगदीश पूनिया, रविराज को पुरस्कृत किया जाएगा।
क्राइम ब्रांच ने तीन लुटेरे पकड़े
क्राइम ब्रांच टीम ने जानसठ के सालारपुर रजवाहे से तीन लुटेरों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से लूटी गई एक अपाचे बाइक, तमंचे और चाकू बरामद किए। बदमाशों ने लूटपाट की कई वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। पूछताछ के बाद पुलिस ने तीनों को जेल भेज दिया।
पुलिस लाइन में पत्रकारों को जानकारी देते हुए एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि मीरापुर निवासी अमित पुत्र देवेंद्र से बृहस्पतिवार को कुछ बदमाशों ने जानसठ क्षेत्र में अपाचे बाइक लूट ली थी। इन बदमाशों को पकडने के लिए क्राइम ब्रांच प्रभारी केपीएस चाहल को टीम के साथ लगाया गया था। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जानसठ के सालारपुर रजवाहे की पटरी पर तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटी गई बाइक बरामद कर ली, जबकि उनका एक साथी फरार हो गया।
पकड़े गए बदमाशों ने अपने नाम सलीम उर्फ बहरा पुत्र रहीमुदीन निवासी नया गांव भोपा, हाल निवासी सरवट, नाजिम पुत्र ताजिम कुरैशी निवासी बिलासपुर नईमंडी, आसिफ पुत्र मुस्ताक निवासी नया गांव भोपा बताए। इनके पास से तमंचे, कारतूस और चाकू भी बरामद हुए। बदमाशों ने जिले में कई स्थानों पर लूटपाट की घटनाएं करना स्वीकार किया है। पुलिस इनके फरार साथी की तलाश में जुटी है।