जम्मू-कश्मीर के कठुआ कांड ने देशभर के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य वारदात की सुनवाई जम्मू की फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी। देशभर के लोगों की निगाह अब इस कांड के मुख्य साजिशकर्ता सांक्षीराम के आरोपी पुत्र विशाल जंगोत्रा के खिलाफ एसआईटी द्वारा खतौली के केके जैन और मेरठ यूनिवर्सिटी से जुटाए गए साक्ष्यों पर टिकी है।
एसआईटी को जांच पड़ताल करने पर कॉलेज से सील की गई सीसीटीवी कैमरे की डीबीआर में आरोपी 10 जनवरी से लेकर 30 जनवरी तक की रिकॉडिंग कैद है, जिस कॉलेज में आरोपी विशाल ने बीएससी (एजी) प्रथम वर्ष की परीक्षा अपने दोस्तों के साथ दी थी।
एसआईटी ने मेरठ यूनिवर्सिटी से आरोपी विशाल द्वारा दी गई परीक्षाओं की सभी उत्तर पुस्तिका तथा खतौली के केके जैन डिग्री कालेज से उपस्थिति सीट तथा सीसीटीवी कैमरे की डीबीआर साक्ष्य मानते हुए सील कर अपने साथ जम्मू ले गई थी। डीबीआर में 10 जनवरी को परीक्षा के समय की रिकॉडिंग तथा उत्तर पुस्तिका व परीक्षा की उपस्थिति सीट पर विशाल के राइटिंग की फोरेंसिक जांच में सच्चाई उजागर होगी,
जिससे पता चल सकेगा कि आरोपी 10 जनवरी को कालेज में परीक्षा दी थी या उसके स्थान पर डमी छात्र से परीक्षा दिलाई गई। कठुआ क्षेत्र के एक गांव से आठ साल की बच्ची का 10 जनवरी को उस वक्त अपहरण कर लिया गया था, जब वह घोड़ों को चराने के लिए जंगल में गई थी। 17 जनवरी को मासूम का शव मिला था। फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलने पर एसआईटी द्वारा साक्ष्य पेश करने पर ही अब इस कांड पर फैसला देगा। इन साक्ष्यों के उजागर होने की देशभर के लोगों की निगाह लगी है।
मजिस्ट्रेटी जांच व एसआईटी 20 को किया गठन
जम्मू विधानसभा में 20 जनवरी को इस कांड को लेकर विपक्षी दल ने जमकर हंगामा काटा था। इस पर संसदीय कार्यमंत्री अब्दुल रहमान वीरी ने मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए थे। साथ ही जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। इस कांड को लेकर एसएचओ के निलंबित किए जाने की घोषणा की थी।
क्राइम ब्रांच 23 को जांच सौंपी
जम्मू विधानसभा में 23 जनवरी को फिर विपक्ष के सदस्यों ने इस कांड में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए जमकर हंगामा किया। हंगामा को लेकर संसदीय कार्यमंत्री ने कठुआ में नाबालिग की हत्या की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी। उस दौरान इस कांड को लेकर कठुआ में तनाव भी व्याप्त हो गया था।