तीन जनपदों की पुलिस, मेरठ एसटीएफ और जनपद की क्राइम ब्रांच की टीम शातिर की तलाश में तीन माह से जुटी थी। शातिर ने पकड़े जाने से पूर्व पुलिस पर हमला कर दिया। 2012 में पुरकाजी में एडवोकेट के घर दो हत्याएं करने के बाद से ही शातिर चर्चाओं में आया था। उधर, परिजनों का कहना है कि शातिर को चार दिन पूर्व पुलिस ने हरियाणा से उठाया था और उसके एनकाउंटर की योजना थी। परिजनों ने मानवाधिकार आयोग को फैक्स किया है।
वर्ष 2012 की 10 अप्रैल की रात पुरकाजी के मोहल्ला जाटान निवासी भाकियू नेता जहीर फारूखी एडवोकेट के घर मुंतलिब ने अपने साथियों के साथ हमला कर रिजवान और हारून नाम के दो युवकों की हत्या कर दी थी। मामले में जहीर वादी और गवाह हैं। वारदात के दूसरे गवाह असगर त्यागी पर कस्बे में शातिर ने हमला करवाया था। जेल अफसरों ने शातिर का जेल से पीलीभीत कारागार में ट्रांसफर कर दिया था।
12 दिसंबर को कचहरी में पेशी से वापस जाते हुए शातिर ने सुजडू चुंगी स्थित होटल पर ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों को खाने में नशीला पदार्थ खिला दिया था। बाद में बस से उतरकर फरार हो गया था। पीलीभीत, मेरठ एसटीएफ और क्राइम ब्रांच मुजफ्फरनगर की तीन टीमें साढ़े तीन माह से शातिर के पीछे लगी थी, लेकिन इसका कुछ पता नहीं चल पा रहा था।
शातिर की तलाश में पुलिस गुजरात, झारखंड, दिल्ली आदि की धूल फांकती रही, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। करीब दो दर्जन मुकदमों में वांछित शातिर ने सोमवार को एडवोकेट पर हमला किया तो सुरक्षा में तैनात सिपाही ने सामने आकर फायरिंग कर दी, जिससे उसे वापस दौडना पड़ा। मुंतलिब के परिजनों का कहना है कि उसे तीन दिन पूर्व गुड़गांव से उठाया गया था। पुलिस उसका एनकाउंटर करना चाहती थी।
पुलिस ने किया रिप्ले
मुजफ्फरनगर। चार अगस्त को शहर कोतवाली के खालापार में वसीम ने ट्रिपल मर्डर की घटना को अंजाम दिया था। उसे भी पुलिस ने कई माह बाद काली नदी के पास पैर में गोली मारकर मुठभेड़ दर्शाकर गिरफ्तार किया था। वसीम की तरह ही मुंतलिब के पैर में भी गोली लगी है। पुलिस ने एक तरह से घटना का रिप्ले किया है।
जवाब में सुरक्षा गार्ड और भाकियू नेता के भाई ने चलाई गोली
पुरकाजी। भाकियू नेता जहीर फारूकी एडवोकेट पर सोमवार दोपहर बाइक सवार हमलावरों ने गोलियां चला दी। हमले में एडवोकेट बाल-बाल बच गए। सुरक्षा में तैनात सिपाही ने भी इस दौरान फायरिंग की। जवाबी गोलियां चलने से बदमाश मौके से फरार हो गए।
कस्बा निवासी भाकियू नेता एवं एडवोकेट जहीर फारूकी को सोमवार शाम किसी काम से दिल्ली जाना था। शाम करीब साढ़े चार बजे हाईवे पर खड़ी अपनी कार को जैसे ही मोहल्ला जाटान में अपने घर के पास लेकर पहुंचे, तभी पीछे से आए कार और बाइक सवार करीब आधा दर्जन बदमाशों ने एडवोकेट पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी कार का पिछला शीशा टूट गया। गोली कार के डैस बोर्ड में जा लगी।
हमले में वह बाल-बाल बच गए। फायरिंग की आवाज सुनकर घर के बाहर बैठे उनके सुरक्षा गार्ड निखिल और घर के ऊपरी हिस्से में बैठे उनके भाई ने बदमाशों पर फायरिंग की, जिससे बदमाश वहां से भाग निकले। लोगों ने कुछ दूर तक हमलावरों का पीछा भी किया, लेकिन वह फरार होने में कामयाब हो गए।
सूचना डायल-100 पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जहीर फारूकी ने बताया कि कार और बाइक का नंबर पुलिस को दे दिया है। एक बदमाश के बारे में भी पुलिस को बता दिया गया है। घटना को लेकर पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की जाएगी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।