मोरना। शुकतीर्थ में महाशक्ति सिद्धपीठ आश्रम के मुख्य द्वार पर धमकी भरा पत्र चस्पा करके योगिनी राजनंदेश्वरी से 80 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने योगिनी से भी पूछताछ की। उधर, रंगदारी मांगने के मामले से नगर के साधु संतों में रोष व्याप्त है। साधु और संत बदमाशों को पकड़ने की मांग को लेकर शनिवार को सभा का आयोजन करेंगे।
तीर्थ नगरी शुक्रताल स्थित महाशक्ति सिद्धपीठ आश्रम की संचालिका योगिनी माता राजनंदेश्वरी ने बताया कि कई माह से आश्रम के द्वार पर धमकी भरे पत्र चिपकाए जा रहे हैं। इनमें 80 लाख रुपये की रंगदारी मांगने की बात लिखी गई है। रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई है।
शुक्रवार को इस मामले में भोपा थाना प्रभारी डा. ब्रिजेश प्रताप सिंह एवं शुक्रताल पुलिस चौकी प्रभारी चंद्रसेन सैनी ने आश्रम में योगिनी और उनके गुरु स्वामी प्रकाशा नंद महाराज से जानकारी ली। थाना प्रभारी ने बताया कि मामला संदिग्ध है। पत्र में गाजियाबाद के राकेश त्यागी को आश्रम में न आने की हिदायत दी गई है।
नगर के व्यक्ति द्वारा दलितों के पट्टे राकेश त्यागी को 80 लाख रुपये में बेचने का मामला प्रकाश में आया है। पट्टे निरस्त होने पर राकेश की ओर से हाईकोर्ट में मामला दायर किया गया है। आश्रम के नौकर को भगाकर रंगदारी मांगने वाले ने अपने नाम पांच बीघा जमीन कराने की बात भी लिखी है। मामले से पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया गया है। वहीं, रंगदारी को मामला तूल पकड़ने लगा है।
मां पूर्णागिरी आदि शक्तिपीठ आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी गोपालाचार्य महाराज, स्वामी कृपाल दास महाराज, स्वामी भजनानंद महाराज, भक्ति भूषण दंडी स्वामी महाराज, स्वामी महानंद महाराज, साध्वी कांता आदि ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए शनिवार को महाशक्ति सीद्धपीठ में सभा आयोजित करने का निर्णय लिया है।